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*शरद कोकास की एक कविता*
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🛎 *ईश्वर नहीं आया* 🛎
*ईश्वर को याद किया उसने*
*सुख के दिनों में*
*आरती उतारी*
*प्रसाद बाँटा*
*व्रत रखे*
*कीर्तन करवाये*
*ताकि सनद रहे*
*वक़्त पर काम आये*
*आश्चर्य की बात है*
*वक़्त पड़ा तो ईश्वर नहीं आया*
*पाँच वक़्त के नमाज़ी थे*
*पड़ोस के रहमान चाचा*
*भोपाल गए थे*
*गैसकांड में गुज़र गए*
*हफ़्ते में सात व्रत रखते थे बाबा*
*सूखा पड़ा*
*तो भूख से मर गए*
*रोज़ जल चढ़ाती थी अम्मा*
*पिछली बाढ़ में बह गई*
*पूजा-प्रार्थना,घंटी-पोथी*
*धरी की धरी रह गई*
*वह जीवित रहा*
*भोगता रहा दुख*
*भोग लगाता रहा ईश्वर को*
*अपना पेट काटकर*
*ईश्वर के लिये*
*बिछौने का इंतज़ाम कर*
*खुद सोता रहा टाट पर*
*करता रहा जीवन भर*
*ईश्वर की प्रतीक्षा*
*ईश्वर होता तो आता*
*नहीं था सो नहीं आया ।*
🔲 *शरद कोकास* 🔲
😟😕🙁☹😙🤓
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