परिधान -
संशोधन परिवर्तन ही गति है । गति ही जीवन है ।
संस्कृति रक्षा के नाम पर पहनावा पर ही क्यों चर्चा और भी कई विंदु हो सकते हैं ।
जिन्हे पुराने पहनावा पसंद है उनके परिवार के सदस्यों को धोती अंगोछा, साड़ी चोली पहनना चाहिये ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.