बुधवार, 27 अक्टूबर 2021

परिधान

          परिधान -
संशोधन परिवर्तन ही गति है । गति ही जीवन है ।
संस्कृति रक्षा के नाम पर पहनावा पर ही क्यों चर्चा और भी कई विंदु हो सकते हैं ।
जिन्हे पुराने पहनावा पसंद है उनके परिवार के सदस्यों को धोती अंगोछा, साड़ी चोली पहनना चाहिये ।

धर्म और विज्ञान

धर्म कहता है - मान लो।
विज्ञान कहता है - जान लो।

सोमवार, 25 अक्टूबर 2021

गीता का कर्म फल

कर्मेण्येव अधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।।
कर्म पर अधिकार होता है याने कि कर्म करें या नहीं, कौन सा क्या कर्म करें? यह हमारी मर्जी है । लेकिन कर्म के परिणाम पर कर्ता का अधिकार अधिकार नहीं होता। यह पूर्णतः सत्य है ।
         इस श्लोक का आशय स्पष्ट है कि परिणाम पर आसक्त न हों। आसक्ति होने से साध्य को प्राप्त करने के लिए गलत साधन का उपयोग हो सकता है । यही आसक्ति भ्रष्टाचार का कारक है ।
विनोबा भावे जी ने भगवद्गीता  पर अपनी पुस्तक में इसी गलत साधन के लिए सचेत किया है।

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021

सवाल

अवैज्ञानिक अतार्किक प्रथाओं और परम्पराओं पर intelligent युवा सवाल उठाने लगे हैं।

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021

गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021

भक्ति

जो लोग आजादी के लिए कुछ किये नहीं, उनके भक्त ऐसा दिखाते हैं जैसे भगत, सुभाष, बल्लभ पटेल जी उन्हीं के साथ थे ।

रविवार, 10 अक्टूबर 2021

प्रमाण


जो नहीं है उसका प्रमाण नहीं होता । 
जो होता है उसका प्रमाण हो सकता है ।

सः अस्ति     वह है।         आस्तिक 
सः न अस्ति   वह नहीं है।  नास्तिक 

प्रतिमा चित्र का महत्व


प्रतिमा, चित्र का महत्व -
हम अपने पूर्वजों के चित्र अपने घर में रखते हैं । उन्हें याद करने के लिए, उनसे प्रेरणा लेने के लिए, हमें एक अच्छे नागरिक बनाने के लिए मन में आभार व्यक्त करने के लिए ।
    उसी तरह महापुरुष जिन्होंने देश समाज के लिए कुछ किया हो उनकी प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य होता है, उनके द्वारा किये गये अच्छे कार्यों को याद कर,उनसे प्रेरित होकर हम भी अच्छा अच्छा करें ।
           मन्दिरों में भगवान, उन के अवतार, देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित कर मंत्र से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करते हैं । उन्हें जीवित मान कर उनकी पूजा करते हैं, मत्था टेक कर उन से कुछ मांगते हैं, अपने किये पाप अपराध से मुक्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं ।