सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 27 मार्च 2018
सोमवार, 26 मार्च 2018
गुरुवार, 22 मार्च 2018
लड़ा रहे हैं
कुछ स्वार्थी चालाक लोग जय भीम का नारा लगाकर गांधी और अम्बेडकर को लड़ाने में लगे हैं | महान अम्बेडकर जी को सबसे अधिक महान बनाने के लिए गाँधी जी के बारे में झूठ अफवाह फैलाकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं|
बुधवार, 21 मार्च 2018
स्वर्ग में आरक्षण
जीवन भर भले ही कामचोरी, भ्रष्टाचार ... किए हों साठ- पैंसठ साल बाद सभी पाप धोने के लिए एक बार गंगा स्नान कर लें| फिर स्वर्ग में आरक्षण के लिए समाज सेवा, धर्म कर्म करना शुरू करें, भजन कीर्तन, सत्संग प्रवचन में शामिल होते रहें|
सोमवार, 19 मार्च 2018
बुधवार, 14 मार्च 2018
रविवार, 11 मार्च 2018
हमारे भारत के महान आविष्कार
यज्ञ हवन भजन कीर्तन, झाड़ फू्क, तंत्र मंत्र...गोबर विज्ञान हमारे भारत के महान आविष्कार
जिंदगी है छोटी
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दिल से पढ़ियेगा
बहुत बढ़िया मैसेज है।
जिस पल आपकी मृत्यु हो जाती है, उसी पल से आपकी पहचान एक *बॉडी* बन जाती है।
अरे
"बॉडी" लेकर आइये,
"बॉडी" को उठाइये,
"बॉडी" को सुलाइये
ऐसे शब्दो से आपको पुकारा जाता है, वे लोग भी आपको आपके नाम से नहीं पुकारते ,
जिन्हे प्रभावित करने के लिये आपने अपनी पूरी जिंदगी खर्च कर दी।
इसीलिए
इधर उधर से ज्यादा इक्कठा करने की जरूरत नहीं है।
इसीलिए
अच्छे से कमाओ, अच्छे से खाओ, और अच्छे से सोओ
इसीलिए
जीवन मे आने वाले हर चुनौती को स्वीकार करे।......
अपनी पसंद की चीजों के लिये खर्चा कीजिये।......
इतना हंसिये के पेट दर्द हो जाये।....
आप कितना भी बुरा नाचते हो ,
फिर भी नाचिये।......
उस खूशी को महसूस कीजिये।......
फोटोज के लिये पागलों वाली पोज दीजिये।......
बिलकुल छोटे बच्चे बन जाइये।
क्योंकि मृत्यु जिंदगी का सबसे बड़ा लॉस नहीं है।
लॉस तो वो है
के आप जिंदा होकर भी आपके अंदर जिंदगी जीने की आस खत्म हो चुकी है।.....
हर पल को खुशी से जीने को ही जिंदगी कहते है।
"जिंदगी है छोटी," हर पल में खुश हूं,
"काम में खुश हूं," आराम में खुश हू,
"आज पनीर नहीं," दाल में ही खुश हूं,
"आज गाड़ी नहीं," पैदल ही खुश हूं,
"दोस्तों का साथ नहीं," अकेला ही खुश हूं,
"आज कोई नाराज है," उसके इस अंदाज से ही खुश हूं,
"जिस को देख नहीं सकता," उसकी आवाज से ही खुश हूँ
"जिसको पा नहीं सकता," उसको सोच कर ही खुश हूँ
"बीता हुआ कल जा चुका है," उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ
"आने वाले कल का पता नहीं," इंतजार में ही खुश हूँ
"हंसता हुआ बीत रहा है पल," आज में ही खुश हूँ
"जिंदगी है छोटी," हर पल में खुश हूँ
अगर दिल को छुआ, तो जवाब देना,
वरना मै तो बिना जवाब के भी खुश हूँ..!!
😀Be Happy Alway 😀
शुक्रवार, 9 मार्च 2018
जला डालो
लानत लानत लानत ।
मूर्तियाँ
और यह जानने के बावजूद कि सबके पास अपने अपने देवता हैं, अपनी अपनी मूर्तियाँ और आदमी को प्रतिमा पूजन की तरह प्रतिमा भंजन का भी शौक है लेकिन अपने देवताओं की प्रतिमाएँ तोड़ने लायक हिम्मत शायद ही किसी मेँ हो। दूसरों के देवताओं के लिये तीसरे बन कर जाते रहना…
मूर्खता की हद है और हिमाकत की बेहद
चिंतन
पोस्ट लंबी ज़रूर है, मगर ग़ौरो फिक्र वाली है। गुज़ारिश है पढ़े ज़रूर_ ahmed kaleem
लेकिन मुसलमान, हिंदू, ईसाई, धार्मिक जन्म से हो रहे हैं। बाप भी जन्म से था, उनका बाप भी जन्म से था। अगर पिछला बाप भी डाक्टर रहा हो तो हो सकता है बाप के पास रहते-रहते थोड़ा आदमी सीख ले। लेकिन किसी का बाप चौदह सौ साल पहले मर चुका, किसी का पांच हजार साल पहले, किसी का दस हजार साल पहले। और जिसका बाप जितना पहले मर चुका, वह सोचता है, उसके पास उतना ही कीमती धर्म है। सारी धर्म की प्रक्रियाएं ध्यान से ही संबंधित हैं। लेकिन ध्यान को ही सीधे समझ लेना उचित है बजाय उन प्रक्रियाओं को समझने के।
कॉपीएड
शिक्षा
यह कितना क्रूर और हिंसक बात है कि किसी को विद्या अध्ययन और ज्ञान प्राप्ति के लिए न केवल रोकता है बल्कि उस पर अमानवीय अत्याचार करने पर भी आमादा है।
वर्ण व्यवस्था के इस कुरूप चरित्र की आजकल बहुत चर्चा हो रही है। बेहतर होगा मनुस्मृति को सरकार बैन कर दे तथा इसकी सभी प्रतियाँ सार्वजनिक रूप से नष्ट कर दी जाएँ।
यही प्रजातंत्र का तकाजा है अन्यथा सरकार के होने न होने का क्या मतलब है?वर्ण व्यवस्था तथा जाति प्रथा पर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस कथन से क्या आप सहमत हैं अथवा कोई आपत्ति है?कृपया अपनी प्रतिक्रिया जरूर देवें।
गुरुवार, 8 मार्च 2018
धर्म
"नया टीचर"
क्लास में आते ही
नये टीचर ने
बच्चों को
अपना लंबा चौड़ा परिचय दिया
बातों ही बातों में
उसने जान लिया की
लड़कियों के इस क्लास में
सबसे तेज और सबसे आगे
कौन सी लड़की है ?
उसने खामोश सी बैठी
उस लड़की से पूछा
बेटा आपका नाम क्या है ?
लड़की खड़ी हुई और बोली
जी सर , मेरा नाम है जूही
टीचर ने फिर पूछा
पूरा नाम बताओ बेटा ?
जैसे उस लड़की ने
नाम मे कुछ छुपा रखा हो
लड़की ने फिर कहा
जी सर , मेरा पूरा नाम जूही ही है
टीचर ने सवाल बदल दिया
और पूछा कि अच्छा
तुम्हारे पापा का नाम बताओ ?
लड़की ने जवाब दिया
जी सर , मेरे पापा का नाम है शमशेर !!
टीचर ने फिर पूछा
अपने पापा का पूरा नाम बताओ
लड़की ने जवाब दिया
मेरे पापा का पूरा नाम
शमशेर ही है सर जी
अब टीचर कुछ सोचकर बोला
अच्छा अपनी माँ का पूरा नाम बताओ
लड़की ने जवाब दिया
सर जी , मेरी माँ का पूरा नाम है निशा
टीचर के पसीने छूट चुके थे
क्योंकि अब तक
वो उस लड़की की फैमिली के
पूरे बायोडाटा में
जो एक चीज
ढूंढने की कोशिश कर रहा था
वो उसे नही मिला था !!
उसने आखिरी पैंतरा आजमाया
बोला -अच्छा तुम कितने भाई बहन हो ?
टीचर ने सोचा कि
जो चीज वो ढूंढ रहा है
शायद इसके भाई बहनों के नाम मे वो क्लू मिल जाये ?
लड़की ने टीचर के
इस सवाल का भी
बड़ी मासूमियत से जवाब दिया
बोली -सर जी , मैं अकेली हूँ
मेरे कोई भाई बहन नही है !!
अब टीचर ने
सीधा और निर्णायक सवाल पूछा
बेटे तुम्हारा धर्म क्या है ?
लड़की ने
इस सीधे से सवाल का भी
सीधा सा जवाब दिया
बोली -सर मैं एक विद्यार्थी हूँ
और ज्ञान प्राप्त करना ही
मेरा धर्म है !
मुझे पता है की
अब आप मेरे पेरेंट्स का धर्म पूछोगे !!
तो मैं आपको बता दूं कि
मेरे पापा का धर्म है मुझे पढ़ाना
और मेरी मम्मी की जरूरतों को
पूरा करना
और मेरी मम्मी का धर्म है
मेरी देखभाल
और मेरे पापा की जरूरतों को
पूरा करना
लड़की का जवाब सुनकर
टीचर के होश उड़ गये
उसने टेबल पर रखे
पानी के ग्लास की ओर देखा
लेकिन उसे उठाकर पीना भूल गया !
तभी लड़की की आवाज
एक बार फिर उसके कानों में
किसी धमाके की तरह गुंजी
सर मैं विज्ञान की छात्रा हूँ
और एक साइंटिस्ट बनना चाहती हूँ !
जब अपनी पढ़ाई पूरी कर लुंगी
और अपने माँ बाप के
सपनों को पूरा कर लुंगी
तब कभी फुरसत में
सभी धर्मों के अध्ययन में जुटूंगी
और जो भी धर्म
विज्ञान की कसौटी पर
खरा उतरेगा
उसे अपना लुंगी
लेकिन अगर
धर्मग्रंथों के उन पन्नों में
एक भी बात विज्ञान के विरुद्ध हुई
तो मैं उस पूरी पवित्र किताब को
अपवित्र समझूँगी
और उसे कूड़े के ढेर में
फेंक दूंगी !
क्योंकि साइंस कहता है
एक गिलास दूध में
अगर एक बूंद भी
केरोसिन मिली हो तो
पूरा का पूरा दूध ही बेकार हो जाता है !
लड़की की बात खत्म होते ही
पूरी क्लास
साथी लड़कियों की
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी !!
टीचर के पसीने छूट चुके थे !!
तालियों की गूंज उसके कानों में
गोलियों की गड़गड़ाहट की तरह
सुनाई दे रहे थे !
उसने आंखों पर लगे
धर्म के मोटे चश्मे को उतार कर
कुछ देर के लिए टेबल पर रख दिया
और पानी का ग्लास उठाकर
एक ही सांस में गटक लिया
थोड़ी हिम्मत जुटा कर
लड़की से बिना नजर मिलाये ही बोला !!
बेटा.....
I Proud of you....
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महिला दिवस पर
यत्र नार्यस्तु पूज्न्ते
रमन्ते तत्र देवता ।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भारत के संदर्भ में प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए|