मुर्खता + भक्ति = पागलपन = आतंकवाद|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 6 सितंबर 2021
रविवार, 5 सितंबर 2021
शिक्षक और गुरू में अंतर
शिक्षक और गुरू में अंतर होता है । अर्थ शास्त्र के अनुसार एक शिक्षक श्रमिक होता है जो अपने श्रम (अध्यापन) का पारिश्रमिक लेता है । यदि शिक्षक पाठ्यक्रम के विषय वस्तु के अध्यापन के अलावा भी विद्यार्थियों के लिए, समाज के लिए कुछ करता है तो यह उसकी गुरूता है । जिसमें गुरुता हो वह गुरू है ।
सभी शिक्षक गुरू नहीं होते ।
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