अम्बेडकर भक्त कहते हैं कि गांधी जी मनु के वर्ण व्यवस्था के पक्षधर थे ।
तो क्या हुआ? मुंडे मुंडे मतिर्भिनाः।
गांधी जी किसी शुद्र दलित को पढ़ने पढ़ाने, शिक्षक मंत्री बनने, वोट देने, से नहीं रोका । अछूतों से अछूत व्यवहार नहीं किया ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.