सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 28 अक्टूबर 2019
विश्व गुरू
संशोधन परिवर्तन
रविवार, 27 अक्टूबर 2019
परिवर्तन ही गति है वर्ना मौत
रविवार, 20 अक्टूबर 2019
घास फूस कविता हम भी करते हैं
जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय । लेकिन ऐसे लेखकों रचनाकारों को साहित्यकार नहीं कह सकते ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
लेख, कहानी, कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।
हम भी घास फूस कविता लिखते हैं ।
घास फूस को साहित्य नहीं कहा जा सकता ।
घास फूस कविता हम भी करते हैं
अब पहले जैसे पाठक कम हैं जो साहित्य के स्तर को परखें ।
वैसे जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
लेख, कहानी, कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।
मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019
गांधी सुभाष के रास्ते अलग किंतु मकसद एक देश की आजादी
कांग्रेस के अधिकतर सदस्य गांधी जी के शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे जबकि सुभाष जी सशस्त्र आंदोलन के समर्थक थे । जयप्रकाश नारायण ने अपनी आत्म कथा में लिखा है - 'गांधी जी का रास्ता सुविधाजनक लगा इसलिए हम उनके साथ हो गए ।"
गांधी और सुभाष के रास्ते अलग अलग थे किंतु मकसद एक ही था देश की आजादी ।
भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए
साधु साध्वी बाबा बाबी को ही विधायक सांसद मंत्री संत्री बने तो भारत विश्व गुरू पक्का ।
ये लोग बच्चे पैदा नहीं करेंगे, भ्रष्टाचार नहीं करेंगे । गोबर विज्ञान और
मंत्र तंत्र, पूजा पाठ, यज्ञ हवन, भजन किर्तन से सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा ।
आतंकवाद नक्सलवाद पाकिस्तान सब खतम ।
गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019
बाबा का संविधान? किसका संविधान ?
प्रेमचंद का गोदान, तुलसी का राम चरित मानस, धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता.....
ये सब तो ठीक है.
लेकिन कुछ लोग बार बार अलापते रहते हैं
बाबा का संविधान ,
अम्बेडकर का संविधान ..
ये क्या कहना चाहते हैं ।
जेनेरिक दवा
branded और generic दवा में quality की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है । branded दवा का दाम अनाप शनाप होता है जब कि generic का दाम बहुत कम । इसीलिए सरकारी आदेश है सबको generic दवा prescribe करें । सरकारी अस्पतालों में सबको generic दवा ही दी जाती है । इससे बहुत बचत है ।
गोड़से भक्तों की सोच
कुछ गोडसे भक्त कह रहे हैं _
सरकार को इतिहास की किताबों में गोडसे को गांधी का हत्यारा पढ़ाने के साथ-साथ गोडसे का अंतिम बयान भी पढ़ाया जाना चाहिए, की उसने आखिर गांधी जी की हत्या क्यों की थी?
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तब तो आतंकवादियों नक्सलियों बलात्कारियों चोर हत्यारे डाकू. , , . सबसे पूछ लो वे ऐसा क्यों बने? वे क्यों करते हैं ऐसा?
अपने परिवार के बच्चों को वह सब भी पढ़ाओ ।
बुधवार, 2 अक्टूबर 2019
भारत का बंटवारा
गांधीजी ने भारत को बाँटा तो RSS और हिन्दू महा सभा वाले क्या कर रहे थे? नफ़रत के बीज बोने में व्यस्त थे ।
भारत का बंटवारा गांधी जी नहीं चाहते थे । परिस्थिति अनुसार उन्हें मानना पड़ा ।