रविवार, 26 अप्रैल 2020

सोशल मीडिया में गाली गलौच

सोशल मीडिया के किसी पोस्ट पर 
गाली गलौच करने वाले मुर्ख नीच स्वार्थी कपटी जलनखोर होते हैं उनके पास कोई आधार तर्क नहीं होता विरोध करने के लिए । लकीर के फ़कीर होते हैं जो सुन पढ़ कर बिना सोचे विचारे मान लेते हैं । ऐसे लोग समझने के लिए अपने दिमाग का उपयोग करना नहीं चाहते ।  जो मिला अपने अणु मस्तिष्क में भरते जाते हैं ।

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

मातृ पितृ दिवस


आसाराम ने अपने भक्तों से 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने के लिए कहा था । उसके पालन में कुछ भाजपा शासित प्रदेशों (हमारे छत्तीसगढ़) के स्कूलों में शासन के आदेशानुसार 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने के लिए आदेश दिये गये थे ।
अब आसाराम बलात्कार के आरोप में जेल में हैं। 

धर्म परिवर्तन

ये दलित, आदिवासी तो हिन्दू नहीं हैं ये अपनी मर्जी से कोई भी धर्म अपनाएं तो गलत क्या है ?
    मनु अनुसार शुद्र को कोई अधिकार नहीं है तो ये धर्म बदलना चाहें तो आपत्ति क्यों  ? 

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

पीने वाले जरूरी नहीं बुरे हों

पीने वाले जरूरी नहीं बुरे होते हैं ।
हमने देखा है शराब नहीं पीने वाले शाकाहारी भी गंदे, रिश्वतखोर , सरकारी /गैर सरकारी संस्थाओं का रूपये खाने वाले, भाई बंधु की सम्पति हड़पने वाले,  स्वार्थी,  नीच,  झूठे,  मालिक का रूपया/समय खाने वाले,  देशद्रोही,  दुश्मन देश को खुफिया जानकारी देने वाले,  .... भी होते हैं ।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

संविधान

 कुरान बाइबिल या मनु स्मृति के निर्देश नियम का नहीं , संविधान का पालन करना है ।

धर्मों की बुराई

हर  धर्म की कमी बुराई को उजागर करना ही चाहिए । वे ही ऐसा नहीं चाहते जो धर्म को धंधा बनाए हैं ।
*****
कृपया तर्क सम्मत, आधार युक्त प्रतिक्रिया दें । 
पोस्ट पढ़ कर चिढ़ लगे तो block कर दें ।

संविधान ही धर्म

किसी जमाने में देश समाज के संचालन के लिये नियम बनाए ये जिसे धर्म कहा गया।  यः धारयति  सः धर्मः ।
जो धारण  करें वह धर्म ।
   अब हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिये ।

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

अंधा के लिए प्रकाश

प्रश्न -
अंधा को प्रकाश के बारे में कैसे समझाएं?
उत्तर - 
1- अंधन को आँख देत,  कोढ़ीन को काया ।
भगवान से प्रार्थना कर आंख दिला सकते हैं । 

2- विज्ञान की मदद से किसी नेत्र दानी की आंख लगाएं।

रविवार, 19 अप्रैल 2020

अणु मस्तिष्क में store


आश्चर्य होता है कुछ युवा भी अपने अणु मस्तिष्क का ही उपयोग करते हैं । सोच विचार नहीं करते । जो मिलता है अपने अणु मस्तिष्क में store कर लेते  हैं ।

शनिवार, 18 अप्रैल 2020

बहुत ज्यादा धार्मिक

कोई कम धार्मिक,  कोई ज्यादा ।
जो बहुत ज्यादा धार्मिक वह देश दुनियां के लिए खतरनाक ।
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हमें कोरोना कुछ नहीं करेगा । पाकिस्तानी एक दूसरे से गले मिलो । हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।

गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

कोरोना का प्रभाव दिमाग पर

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण... 
अब लोग अपने दिमाग का अधिक उपयोग करेंगे ।
सोच विचार करेंगे ।
बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं मानेंगे ।
लकीर के फ़कीरों की संख्या कम होगी ।

बुधवार, 15 अप्रैल 2020

unique

बुद्ध _आत्म दीपो भव ।
unique is natural. 
किसी के जैसा बनने की कोशिश मतलब मुखौटा ।

मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

अम्बेडकर का संविधान ???

संदर्भ - अम्बेडकर का संविधान 
हमारे देश के संविधान का सर्वाधिकार copy right किसके पास है?
कृपया कोई जानकार बताएं ।

सोमवार, 13 अप्रैल 2020

हमारा मुसलमानों से संबंध

हमारे गाँव लोइंग, महापल्ली,  पंडरीपानी,  सियारपाली  तथा   जिला मुख्यालय रायगढ़  के कई मुसलमान परिवार से हमाराअच्छा सम्बन्ध  है । नाटक वाला नहीं ।

        

धर्म बनाम संविधान

सभी धर्म अपने - अपने के संविधान के विपरीत हैं ।
संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए ।

रविवार, 12 अप्रैल 2020

काम क्षुधा

भूख प्रकृतिक है । उसकी पूर्ति नहीं होने से गलत तरीका अपनाते हैं याने जबर्दस्ती करते हैं । फ़िर पोलिस पकड़ती है । कुछ छूट जाते हैं रसूख, धन बल का उपयोग कर । कुछ लोगों को कानून सजा देता है । 
    भूख प्यास की पूर्ति के सम्भावित विभिन्न साधनों पर विचार करना चाहिए । जड़ से अपराध रोकने का यह सही तरीका होगा ।
      महान मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड ने कहा था -
दमन से वासना विकृत हो जाती है जो समाज के लिए हानिकारक है ।
 स्वप्न से भी काम वासना पूर्ति होती है । 
इस तरह  कई साधन हो सकते हैं जिससे वासना की पूर्ति हो सकती है । मनो वैज्ञानिक बता सकते हैं। 

शराब बिक्री

शराब बेंचने  से बहुत ज्यादा लाभ होता है । यह लाभ व्यवसायी ले रहे थे ।  इस बात को छत्तीसगढ़ की रमन सरकार समझ गई । शराब बिक्री सरकार द्वारा की जाने लगी । बहुत अधिक आय हो रही है ।
        जहाँ शराबबंदी है वहां के कुछ लोग चोरी छिपे बाहर से लाकर पीते हैं । याने धनी लोग जो पीना चाहें वे पीते ही हैं ।
         शराब सुलभ होने से मध्यम और निम्न आर्थिक स्थिति वालों के परिवार को सामाजिक आर्थिक कष्ट होता है । फिर भी पीने वाले पीते हैं  
           शराब दुकान में आधार जोड़  कर उन्हें कोई सरकारी सहायता, सुविधा, छूट..नहीं देना चाहिए । शराबियों को कोई सरकारी सुविधा का हक नहीं होना चाहिए ।