शनिवार, 29 जनवरी 2022

राजनीति से सारोकार

सभी जागरूक नागरिक (पात्र मतदाता) अपने मत का उपयोग करते हैं । याने प्रजातंत्र में सभी नागरिक देश की राजनीति में भाग लेते हैं ।
      कोई यह कहे कि - 
"मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं।" 
यह सच नहीं है । सब को देश की राजनीति से सारोकार है, होना भी चाहिए ।
राजनीति से संबंधित विचार पढ़ना सुनना चाहिए ।

बुधवार, 12 जनवरी 2022

ठेका

लजाना, शरमाना, संस्कृति परम्परा रक्षा.. सब का ठेका स्त्रियों को दे दिया गया है । वे वह सब सहर्ष स्वीकार कर पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रही  हैं ।

शनिवार, 8 जनवरी 2022

राजनीति

राजतंत्र में नगर के निवासी नागरिक होते हैं ।
नगर के बाहर राज्य की सीमा में रहने वाले प्रजा कहलाते हैं ।
नागरिक और प्रजा के अधिकार , सुख सुविधा में अंतर होता है ।
इसी लिये प्रजा कहती है -
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
        लेकिन लोकतंत्र में देश के सभी निवासी (अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए निवास करने वाले विदेशियों छोड़कर) देश के नागरिक होते हैं । सभी जागरूक नागरिक (पात्र मतदाता) अपने मत का उपयोग करते हैं । याने प्रजातंत्र में सभी नागरिक देश की राजनीति में भाग लेते हैं ।
      कोई यह कहे कि - 
"मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं।" 
यह सच नहीं है । सब को देश की राजनीति से सारोकार है, होना भी चाहिए ।
राजनीति से संबंधित विचार पढ़ना सुनना चाहिए ।

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

महा मृत्युंजय जाप


महा मृत्युंजय जाप पूरे देश के लिए संसद में करा दें तो चीन पाक अमेरिका रूस ......... सब कापेंगे ।

मंगलवार, 4 जनवरी 2022

जलन

मोहन दास करम चंद गांधी जी को राष्ट्रपिता, बापू , महात्मा कहने से कुछ लोगों को तकलीफ हो रही है । 
       जो चाहे कहें, जो न चाहें न कहें ।

         ऐसा कहने के  लिए कोई सरकारी आदेश तो  नहीं है ।