राजतंत्र में नगर के निवासी नागरिक होते हैं ।
नगर के बाहर राज्य की सीमा में रहने वाले प्रजा कहलाते हैं ।
नागरिक और प्रजा के अधिकार , सुख सुविधा में अंतर होता है ।
इसी लिये प्रजा कहती है -
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
लेकिन लोकतंत्र में देश के सभी निवासी (अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए निवास करने वाले विदेशियों छोड़कर) देश के नागरिक होते हैं । सभी जागरूक नागरिक (पात्र मतदाता) अपने मत का उपयोग करते हैं । याने प्रजातंत्र में सभी नागरिक देश की राजनीति में भाग लेते हैं ।
कोई यह कहे कि -
"मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं।"
यह सच नहीं है । सब को देश की राजनीति से सारोकार है, होना भी चाहिए ।
राजनीति से संबंधित विचार पढ़ना सुनना चाहिए ।