रविवार, 25 सितंबर 2022

ईश्वर

अल्लाह गॉड ईश्वर भगवान देवी देवता भूत प्रेत सब एक ही खानदान के हैं| उनके स्वभाव अलग अलग है|

सोमवार, 19 सितंबर 2022

अबला

पहले पुरुष ने स्त्री को अबला माना जिसे स्त्री ने मान लिया । इसलिये मनु ने यह व्यवस्था दी थी कि स्त्री की रक्षा उसका पिता,  भाई,  पति करेगा ।
अब स्त्री अबला नहीं है । संविधान ने उसे ताकत दी है ।

शुक्रवार, 16 सितंबर 2022

राम नाम

🤔🤔
अगर राम नाम सत्य है, तो बाकी के क्या है...? जैसे- ब्रम्हा, विष्णु, महेश, दुर्गा , काली, सरस्वती इत्यादि क्या ये सब नाम झूठ है...?🤔

गुरुवार, 15 सितंबर 2022

मृत्यु का उत्सव

हमारे देश में औसत आयु लगभग 70 वर्ष है ।
आचार्य रजनीश ने कहा है कि मृत्यु का स्वागत करना चाहिए । उत्सव मनाना चाहिये ।
हमारे देश में औसत आयु लगभग 70 वर्ष है ।
         70  वर्ष के बाद देहांत हो तो एकादश कर्म को उत्सव के रूप में मनाया जा सकता है.।
         अल्पायु में किसी का चले जाना बहुत ज्यादा दुखद होता है । एकादश कर्म के दिन सादा शाकाहारी भोजन होना चाहिए ।

ईश्वर की भाषा

सर्वश्क्तिमान ईश्वर लोग सिर्फ़ अपनी अपनी (एक -एक)भाषा में प्रार्थना सुनते हैं ।
संस्कृत, अरबी, अंग्रेजी . 
      जब कि दुनियां में बहुत भाषा बोली  हैं ।
कई लोग कई भाषा के जानकार होते हैं ।

मायाजाल

जीवन को मायाजाल कहकर उसकी सार्थकता को नकारना उचित नहीं|

शनिवार, 10 सितंबर 2022

विवाह

 मेरे विचार से बच्चों के लालन पोषण तथा यौन क्षुधा की पूर्ति के लिए विवाह एक सामाजिक व्यवस्था है। पति पत्नी के बीच एक अलिखित समझौता है किसके अनुसार वे एक दूसरे के सुख दुख में भागीदार होते हैं, सम्भोग करते हैं, अपने परिवार का मिलकर दायित्व संभालते हैं ।

किराये के मकान में रहने से उस मकान से भी प्यार हो जाता है । स्वाभाविक है शादी के बाद पति पत्नी के बीच प्यार पनपता है ।

मंगलवार, 6 सितंबर 2022