धार्मिक नियम परम्पराओं को जबर्दस्ती वैज्ञानिक सिद्ध करने की कोशिश करते हैं कुछ लोग । वास्तव में धर्म और विज्ञान का कोई संबंध नहीं होता । धर्म का आधार आस्था और भक्ति होते हैं । विज्ञान का आधार कारण और परिणाम का संबंध होता है ।
वर्तमान काल में हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए ।
संविधान और विज्ञान का समन्वय होना चाहिए ।
यः धारयति सः धर्मः ।
जो धारण करने योग्य हो जिसे घारण करना चाहिए वह धर्म है ।
मनु स्मृति, कुरान, बाइबिल..... ये अपने अपने क्षेत्र area के नागरीकों, समाज के लोगों के हित में बनाये गये नियम थे जिसे धर्म कहा गया । वे अपने अपने देश / कबीला के लिए तत्कालीन संविधान थे ।