सोमवार, 27 फ़रवरी 2017

धर्म बनाम संविधान

कोई भी धर्म अच्छा नहीं है| सबमें कमी है लेकिन कोई संशोधन परिवर्तन करना नहीं चाहते स्वार्थी लोग|
यदि ईमानदारी से संशोधन हो तो वह देश का संविधान ही रह जाएगा|

संकीर्णता

संकीर्णता और कट्टरता ईसाइयों की अपेक्षा हिंदुओं  में अधिक, हिंदुओं की अपेक्षा मुसलमानों में अधिक है|
यही आतंकवाद का आधार है|

रविवार, 26 फ़रवरी 2017

संकीर्णता बनाम उदारता


हिंदू मुस्लिम की तरह संकीर्ण सोच वाले नहीं होते इसी लिए वे आतंकवादी भी नहीं होते| इसीलिए चार्वाक ऋषि, जाबाली ऋषि, गौतम बुद्ध, भगत सिंह जैैसे नास्तिक भी हुए हमारे देश में|
हां अब हमारे हिंदुओं में भी कुछ संकीर्णता बढ़ रही है|

सब जानते हैं

घोटाला भ्रष्टाचार किसी एक पार्टी की बपौती नहीं, सबका अधिकार है। क्योंकि भगवान और देवी देवताओं को पटाना सबको आता है|

मुखबीरी

कुछ जलनखोर नेहरू जी को बदनाम करने के लिए उन्हें मुखबीर कहते हैं क्योंकि
चंद्रशेखर आजाद नेहरू से मिले, उसके बाद आजाद को पोलिस ने घेर लिया|
याने की उस दिन जो लोग मिले आजाद जी से  पशु पक्षी भी सबने मुखबीरी की थी|
गधे. .

दामोदर सावरकर का नामकरण

कोई बताएंगे श्री विनायक सावरकर को "वीर सावरकर" क्यों कहते है्?
यह  सम्मानित नाम किसने दिया ?

असहमति का जबाब हत्या? जलनखोरी

[2/26, 07:23] N R  Pradhan: नक्सलवाद का उद्देश्य आर्थिक समानतता लाना है मार पीट, लूट मार, चोरी डकैती हत्या करके| क्या उचित कहा जाए?
[2/26, 07:24] N R  Pradhan: वैचारिक असहमति के कारण किसी की हत्या कदापि उचित नहीं|
[2/26, 07:46] N R  Pradhan: जो वर्ग दल तथातथित राष्ट्र भक्त गांधी के हत्यारे का समर्थन करते हैं वे देश की आजादी के लिए कुछ भी नहीं किए थे|

शनिवार, 25 फ़रवरी 2017

क्यों!

कोई बताएं_
मंगल पांडे ने एक अंग्रेज पर गोली क्यों चलाई ?
रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेज सरकार से क्यों लड़ाई की?

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

पढ़ें सोचें समझें

Yogesh Bhoy  ने वाट्सएप ग्रुप विचार मंच में भेजा है_
"""''
ज्वलंत प्रश्न?
मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓

एक बात समझ मे नही आती कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर , कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓
गहराई से सोचिए❓❓❓

🚩अखंड हिन्दू🚩
हिन्दू सेवार्थ कटिबद्ध
---------------------***-----------------------------# क्या मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई हमारे देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़े थे ?
# गांधी नेहरू कांग्रेस ने आजादी के लिए अहिंसात्मक आंदोलन किया था| बिना अस्त्र शस्त्र के| उन्हें कानून के अनुसार पोलिस या न्यायालय द्वारा गोली या फांसी नहीं दी जा सकती|
आज भी अहिंसात्मक हड़ताल, रैली, अनशन करने वाले को गोली फांसी नहीं होती|
# ये अखंड हिंदू हि्दू सेवार्थ वालों को क्यों जलन हो रही है गांधी नेहरू से? इस दल के पूर्वज आजादी के लिए क्या क्या किए थे? यह भी बताना चाहिए| क्या किसी भी तरह वे अंग्रेजों से लड़े थे? वे डरते थे तो कम से कम हमारे तैंतीस करोड़ देवी देवताओं को प्रार्थना कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए भेज देते तो ये अंग्रेज एक पल में खतम हो जाते|
************************"*"****""*""
इतिहास को पढ़ना और समझना चाहिए|. किसी के पोस्ट को बिना सोचे समझे शेअर करना उचित नहीं|
कुछ जलनखोर लोगों को भड़काने अफवाह उड़ाने में लगे हैं सच में कुछ झूठ मिलाकर|
वे जानते हैं कि बार बार कोई बात कहने से कुछ लोग बिना सोचे समझे मान लेते हैं|

बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

नहीं समझा

सज्जन हैं तो दुर्जन भी होंगे|
यह तो समझ में आ गया लेकिन ये नहीं समझा
हरिजन है तो .. .
सत्य नारायण हैं तो..
महा लक्ष्मी हैं तो..
धर्म पत्नी हैं तो. .

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017

धर्म पत्नी

Bharat Vitthal ne bheja h whatsapp group me_
धर्म-पिता - मतलब असली पिता नहीं.
धर्म-माता - मतलब असली माता नहीं.
धर्म-पुत्र - मतलब असली पुत्र नहीं.
धर्म-भाई - मतलब असली भाई नहीं.
धर्म-बहन - मतलब असली बहन नहीं.
लेकिन ....
ये जबर्दस्त गलती कैसे हुई.?
धर्म-पत्नी - मतलब असली पत्नी.

पता करो शास्त्रों में कहां गलती हुई...
🤔********
एक पुरानी घटना_
एक शिक्षक ने आवेदन पत्र दिया था जिसमें लिखा था " मेरी धर्म पत्नी के इलाज के लिए"
मैंने पूछा - आपकी धर्म पत्नी के अलावा भी कोई पत्नी है?

मंदिर मस्जिद

अजान नमाज पूजा पाठ यज्ञ हवन से कुछ भी नहीं होता । जो होता है मेहनत से होता है ।
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काश ये खूबसूरत मस्जिद मंदिर हमारे दिलों को भी खूबसूरत बना देते है ।

सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

चौदह फरवरी हैरान परेशान है

अफवाह फैलाने में माहिर कुछ झूठे लोग
सोशल मिडिया में लिख रहे हैं कि भगत सिंह को फांसी का आदेश 14 फरवरी 1930 को हुआ था|
सीधे सादे लोग उसे मानकर प्रचारित भी कर रहै हैं|
सच है  07 अक्टूबर 1930 को
भगतसिंह, सुखदेव तथा राजगुरु को फांसी की सज़ा सुनाई गई।
23 मार्च 1931को उन्हें फांसी दी गई|
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हमारे देश में महान बलात्कारी आसा राम बापू के परामर्श को मानकर 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने की कोशिश हो रही है|
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अब 14 फरवरी को नर्मदा जयंती मनाने की कोशिश शुरू हो गई|
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे| कुछ सालों से शहीद भगत सिंह को भिड़ा रहे हैं| कुछ माता पिता को भिड़ा रहे हैं| अब नर्मदा नदी को|
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  चौदह फरवरी हैरान परेशान है|
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रविवार, 12 फ़रवरी 2017

चार युग

AmartaRam Meghwal Rohina >
आज आप सभी को "युगों" के बारे में बताता हूं :--
1- "सतयुग" = जिस युग में केवल ब्राह्मण ही पढ़-लिख सकता था, इसलिये वह जो बोलता था, वही सत्य समझा जाता था, इसलिये उसे सतयुग कहते हैं ।
2- "द्वापर" = जिस युग में ब्राह्मण के साथ क्षत्रिय भी पढ़ने लगे..यानी दो वर्ण पढ़ने लगे इसलिये उसे द्वापर युग कहने लगे.
3- "त्रेतायुग" = जिस युग में बाह्मण, क्षत्रिय, वैश्य..यानी तीनों वर्ण पढ़ने लगे, इसलिये त्रेतायुग कहने लगे ।
4- "कलयुग" = जिस युग में ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य..के साथ-साथ शूद्र /अछूत भी पढ़ने लगे..इसलिये इसे कलयुग यानी अशुभ/अधर्म/पाप का युग कहने लगे ।
अब आप खुद समझ जाइये.....
कलयुग यानी "कल युग" आपके लिये अच्छा है..... / या सतयुग, द्वापर, त्रेता, अच्छा था..... ?????
आप चिंतन स्वयं करें.... !!!

शनिवार, 11 फ़रवरी 2017

पश्चिमी संस्कृति का डर

विदेशों में हमारी संस्कृति का प्रभाव देखकर बहुत खुश होते हैं हम|
लेकिन विदेशी संस्कृति वेलेंटाइन डे का विरोध कर रहे हैं हम_
कुछ साल से उसी दिन मातृ पितृ दिवस मनाकर |
अफवाह फैलाकर कि शहीद भगत सिंह को उसी दिन फांसी की सजा सुनाई गई थी या फांसी दी गई थी|
गार्डन पार्क में वेलेंटाइन डे मनाने वालों को परेशान कर, अपमानित कर|
********"*
विदेशी संस्कृति से इतनी बुरी है या उससे खतरा है तो रहन सहन, खान पान सबमें वापस जाओ पुराने की ओर| कानून बना दो|
कम्प्युटर मोबाइल टी वी मोटर साइकल... .... सब बंद करो, हां विमान रहने दो क्योंकि वेद पुराण में लिखा है|
श्री राम कृष्ण पेंट शर्ट टाई कोट नहीं पहनते थे|
देवी सरस्वती दुर्गा सलवार सूट ब्लाउज ..  नहीं पहनती थी|
आंग्लभाषाया त्यागेत् संस्कृतं वद|
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वैसे विदेशी संस्कृति को सबसे पहले 1925 में RSS राष्ट्रीय स्वयं संघ ने पश्चिमी संस्कृति को अपनाया पेंट शर्ट को गणवेष बनाकर|

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

नामकरण

गांधी जी को किसी सरकारी आदेश से "महात्मा", "राष्ट्र पिता" या "बापू" नहीं कहा जाता| किसी ने कहा लोगों ने कहा|
आसा राम को कुछ लोग "बापू" कहते हैं|
किसी को भी कोई कुछ नाम दे क्या समस्या है? "भगवान" कहो "महात्मा" कहो .. जो चाहो| जो चाहेगा बोलेगा, जो न चाहे नहीं कहेगा|
कोई किसी के नामकरण के लिए सरकाऱ के आदेश या अनुमति की आवश्यकता नहीं होती|

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

जयकारा

कोई लड़ रहा हो या लड़ने जा रहा हो तो उसके शुभचिंतकों के द्वारा  प्रोत्साहित करने के लिए जयकारा लगाया जाता है|
वर्तमान कोई भगवान देवी देवता गुरू लड़ाई नहीं करने वाले हैं इसलिए उनका जयकारा लगाना अनावश्यक है|.,,,_
जय ईशु. जय श्रीराम. जय गुरुदेव...  ???

शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

राम राज्य का प्रभाव

मैंने भी राम राज्य का प्रभाव देखा है|_
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एक शिक्षक कुछ आदिवासी विद्यार्थियों को छड़ी से पीट रहे थे .. तड़ाक .तड़ाक.  क्यों रे पढ़ के कलेक्टर बनोगे? सड़ाक,, ..खेत में कौन काम करेगा रे . सड़ाक सड़ाक..तड़ाक...

मैंने महान गुरू द्रोणाचार्य को भी देखा है| उन्होंने अपने विषय के प्रायोगिक परीक्षा में एक विद्यार्थी को 50 में 50 दिया, किंतु उसे सैद्धांतिक में 150 में मात्र 02 अंक मिला|
दूसरे विद्यार्थी को प्रायोगिक में कम अंक देने के कारण उस एक विषय में डिक्टिंशन नहीं ला सका, बाकी सभी में D मिला|

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

अवतार


ईश्वरवादियों द्वारा कल्पित युगों में ईश्वर द्वारा लिए गये अवतारों के विषय में विचार करते हैं। चूंकि सतयुग में चारों चरण पुण्य के ही थे इसलिए इस युग में एक भी पापी व्यक्ति नहीं था तो ऐसी स्थिति में इस युग में ईश्वर को एक भी अवतार नहीं लेना चाहिए था। लेकिन हम पंडितों की पोथियों में देखते हैं कि इस युग में ईश्वर ने मत्स्य, कच्छप, सुकर एवं नृसिंह नामक चार अवतार लिए। अब हमारे सामने प्रश्न यह उपस्थित हो जाता है कि जब इस योग में एक भी पापी नहीं हुआ था, तो ईश्वर ने चार अवतार क्यों लिए ? *...... यशवंत जोगी*

विश्वास

कहते हैं पूरा विश्वास से मानो तो सब कुछ हो सकता है|
मानो तो भगवान, न मानो तो पत्थर|
मान लें कि 2+3=7  तो क्या सही हो जाएगा?

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

शांति पाने के लिए

शांति पाने के लिए _
घर परिवार, ड्युटी duty से भाग जाएं| अवश्य शांति मिलेगी| मंदिर मस्जिद . .कहीं भी या फिर पिकनिक. जंगल. . कहते हैं नशा भी तनाव दूर करता है| या कहीं एकांत में कुछ भी बुदबुदाइए .बोलिए चाहे निरर्थक ही हो ..उडु्ग बुड़ुग अगडम बगडम नमो वमो कुडुम. कर के देखिए| या सब कुछ भूल कर नाचें गाएं भजन हो या कोई फिल्मी कुछ भी|  जोर जोर से हंसें या खूब जोर से चिल्लाएं|
संक्षेप में जीवन से भागें | जब तक भागेंगे तनाव से दूर रहेंगे| शांति मिलेगी|