अफवाह फैलाने में माहिर कुछ झूठे लोग
सोशल मिडिया में लिख रहे हैं कि भगत सिंह को फांसी का आदेश 14 फरवरी 1930 को हुआ था|
सीधे सादे लोग उसे मानकर प्रचारित भी कर रहै हैं|
सच है 07 अक्टूबर 1930 को
भगतसिंह, सुखदेव तथा राजगुरु को फांसी की सज़ा सुनाई गई।
23 मार्च 1931को उन्हें फांसी दी गई|
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हमारे देश में महान बलात्कारी आसा राम बापू के परामर्श को मानकर 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने की कोशिश हो रही है|
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अब 14 फरवरी को नर्मदा जयंती मनाने की कोशिश शुरू हो गई|
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे| कुछ सालों से शहीद भगत सिंह को भिड़ा रहे हैं| कुछ माता पिता को भिड़ा रहे हैं| अब नर्मदा नदी को|
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चौदह फरवरी हैरान परेशान है|
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सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 13 फ़रवरी 2017
चौदह फरवरी हैरान परेशान है
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