Bharat Vitthal ne bheja h whatsapp group me_
धर्म-पिता - मतलब असली पिता नहीं.
धर्म-माता - मतलब असली माता नहीं.
धर्म-पुत्र - मतलब असली पुत्र नहीं.
धर्म-भाई - मतलब असली भाई नहीं.
धर्म-बहन - मतलब असली बहन नहीं.
लेकिन ....
ये जबर्दस्त गलती कैसे हुई.?
धर्म-पत्नी - मतलब असली पत्नी.
पता करो शास्त्रों में कहां गलती हुई...
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एक पुरानी घटना_
एक शिक्षक ने आवेदन पत्र दिया था जिसमें लिखा था " मेरी धर्म पत्नी के इलाज के लिए"
मैंने पूछा - आपकी धर्म पत्नी के अलावा भी कोई पत्नी है?
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