गांधी जी को किसी सरकारी आदेश से "महात्मा", "राष्ट्र पिता" या "बापू" नहीं कहा जाता| किसी ने कहा लोगों ने कहा|
आसा राम को कुछ लोग "बापू" कहते हैं|
किसी को भी कोई कुछ नाम दे क्या समस्या है? "भगवान" कहो "महात्मा" कहो .. जो चाहो| जो चाहेगा बोलेगा, जो न चाहे नहीं कहेगा|
कोई किसी के नामकरण के लिए सरकाऱ के आदेश या अनुमति की आवश्यकता नहीं होती|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017
नामकरण
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