कुछ पढ़ कर, सुन कर सोच विचार करने वाले के मन में प्रश्न होते हैं ।
बिना सोच विचार किये मान लेने वाले के मन में कोई संशय प्रश्न नहीं होते ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गीता कुरान बाइबल तो अपनी अपनी बात कहते हैं , एक संविधान ही है जो इससे उपर उठकर सिर्फ इंसानियत की बात कहता है |
जय संविधान