रविवार, 9 दिसंबर 2018

भक्ति ओर श्रद्धा

यज्ञ हवन पूजा पाठ में भक्ति होती है, स्वार्थ होता है, कुछ मांग होती है भगवान देवी देवताओं से| महात्मा गांधी की समाधि पर कोई श्रद्धा सुमन अर्पित करे, प्रणाम करे तो वह स्वार्थ नहीं, कोई मांग नहीं केवल श्रद्धा होती है|

भक्ति ओर श्रद्धा 

शनिवार, 8 दिसंबर 2018

सब के रास्ते अलग अलग

अगर भगवान अल्लाह सब एक ही हैं तो उनके बताए रास्ते भी एक ही होना चाहिए| हिंदू मुस्लिम सब अलग अलग क्यों?

सभी एक मत होते हैं

कहते हैं उपर वाले की इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता| तो ये उपर में रहने वाले अल्लाह भगवान.. सभी किसी पत्तीको हिलाते समय एकमत होते हैं?

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

आघात

-आघात-
छः दिसम्बर ब्यानबे
दिन था रविवार
हम गर्वित थे हर्षित थे
मुस्लिमों को चिढ़ाकर
पुण्य के भागी बने थे
बाबरी मस्जिद गिराकर|
     अगला दिन सोमवार
     चैन की नींद सोया था
     अचानक मैंने देखा
      सामने साक्षात भगवान
      श्री राम चंद्र विराजे हैं|
मैं आनंद से विभोर
भगवान के चरण स्पर्श
करने हुआ उद्यत
किंतु भगवान राम ने
मारी एक लात
मेरे सीने पर|
    कहा - हे मेरे अंध भक्त
    तुने क्यों दिल दुखाया
    मानवता के भक्तों का
    मैं खुशी से रहता था
    अयोध्या के मस्जिद में|
तुझे क्या तकलीफ थी
कि उसे ध्वस्त कर दिया
जब तू रह सकता है
फैजाबाद के मुसाफिर खाना में
तो मैं क्यों नहीं रह सकता
अयोध्या के बाबरी मस्जिद में?
      अचानक नींद खुली थी
      देखा वह तो सपना था
      सचमुच एक सपना था
      उनका कोई चिन्ह नहीं था
      किंतु पदाघात का दर्द
      अब भी सीने में था|