रविवार, 20 जनवरी 2019

मनु स्मृति और कुरान अब नहीं ये हमारे संविधान

कुरान,  मनु स्मृति तब के संविधान थे  जिसे धर्म कहा गया ।
ये धारयति से धर्मः।  जो धारण करने योग्य हो,  जिसे धारण करें वह धर्म है।
    उनमें देश काल परिस्थिति अनुसार आवश्यक संशोधन नहीं किया गया ।  फ़लस्वरूप ये खत्म हो रहे हैं  ।
अब तो हमारा  संविधान ही हमारा धर्म है।