बुधवार, 24 सितंबर 2025

हमारा राष्ट्र गीत क्या होना चाहिए

हमारा राष्ट्र गीत होना चाहिए -
सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा,,,,,
मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना,,,,,
हिंदी हैं हम हम वतन हैं हम।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025

भगवान हैं या नहीं पता नहीं मुझे

मैं अब तक नहीं जान सका भगवान हैं भी या नहीं है।
अब जानने समझने की कोशिश छोड़ दिया। क्यों कि मुझे लगा कि वे कहीं नहीं हैं। यदि होंगे तो अपनी ड्यूटी ठीक ठीक नहीं कर रहे हैं।

शनिवार, 6 सितंबर 2025

वास्तविक

बच्चा वास्तविक पैदा होता है। उसे आस्तिक बना दिया जाता है। 
ध्यान कर कुछ लोग वास्तविकता को जान कर नास्तिक हो जाते हैं।

सोमवार, 1 सितंबर 2025

ईश्वर को हमारी जरूरत नहीं

मेरे विचार से सर्व शक्तिमान कथित ईश्वर या किसी देवी देवता को हमारी सेवा, पूजा, आरती (प्रशंसा गीत/मस्का) या भोग लगाने की जरूरत नहीं है|

गुरुवार, 28 अगस्त 2025

ईश्वर निंदा

ईश्वर की निंदा करने वाले को ईश्वर ही दंड देंगे ।
इसके लिए मनुष्य को चिंता करने की जरूरत नहीं ।

मंगलवार, 26 अगस्त 2025

इंसान

जिसने बनाया होगा इंसान ही बनाया होगा, हिन्दू  मुस्लिम,, तो नहीं  बनाया होगा।

गुरुवार, 21 अगस्त 2025

भगवान से डरते नहीं।

ये चोर,  भ्रष्टाचारी, ,,,  ,,, भगवान से डरते नही। उन्हें पता होगा कि भगवान कहीं रहते नहीं ।

सोमवार, 18 अगस्त 2025

सरहदें

धर्म, जाती, राष्ट्र की सरहदें विनोबा जी के जय जगत अवधारणा के विरुद्ध हैं। 

शनिवार, 16 अगस्त 2025

विचार

मुंडे मुंडे मतिर्भिन्नाः। यही दुनियां की खूबसूरती है ।
            यह उचित नहीं कि सब के विचार एक जैसे हों।  लोग रोबोट हो जाएंगे तो दुनियां की खूबसूरती खत्म हो जाएगी।
 रोबोट हो जाना ,  याने जो कहा जाय उसे बिना सोचे समझे मान जाना । 
सोच विचार खत्म याने केवल अणु मस्तिष्क ।

आस्था और अस्तित्व

आस्था धोखा है।
अस्तित्व वास्तविकता।।

सोमवार, 4 अगस्त 2025

ध्यान

मन का ज्ञान एकांत में सोच विचार करने से मिलता है, जिसे ध्यान कहा गया। इसके अलावा बाकी ध्यान में से कुछ ही ध्यान का महत्व है बाकी सब टाइम पास।
         किताबी ज्ञान बुद्धि के लिए होता है मन के लिए नही।

बुधवार, 23 जुलाई 2025

गुण धर्म

यः धारयति सः धर्मः| जो स्वभाव धारण किए हों वह धर्म है| किसी पदार्थ का गुण धर्म एक समान होता है किंतु मनुष्य का नहीं| हर मनुष्य अद्वितीय होता है|

बुधवार, 18 जून 2025

विधान

मनु स्मृति किसी जमाने का विधान था जो अमानवीय था, पक्षपात भेदभाव से भरा था l 
     अब हमारा संविधान लोक कल्याणकारी है।

शनिवार, 7 जून 2025

संविधान निर्माता कौन?

संविधान निर्माता कौन?
संविधान निर्माता बी आर आंबेडकर ।
यह सही नहीं है लेकिन एक वर्ग को खुश करने के लिए पढ़ाया जाता है। परीक्षा में पूछा जाता है। 
हमारे देश का संविधान आंबेडकर का नहीं है। संविधान के निर्माता आंबेडकर जी नहीं हैं। संविधान सभा में कई समिति थी। उनमें से एक ड्राफ्टिंग कमेटी थी उसके अध्यक्ष थे आंबेडकर जी। संविधान सभा में जो पारित होता था उसे आंबेडकर जी ने ड्राफ्टिंग किया। यह काम निश्चित ही कठिन था। उन्होंने अपने ज्ञान का उपयोग किया। उन्होंने लिपिबद्ध कराया। प्रेम बिहारी  नारायण रायजादा ने कलम से लिखा इतना बड़ा संविधान। यह कार्य भी दुरूह था। कोई चूक न हो। उन्होंने भी बहुत श्रम किया। 
लेकिन डॉ भीम राव अंबेडकर को या बी एन राय को हमारे संविधान का लेखक कहना गलत है। यह कोई कथा उपन्यास नहीं है जिसका लेखक कोई एक होगा?
यह संविधान किसी एक का नहीं है।
संविधान हमारा है।
संविधान दिया है संविधान सभा ने आंबेडकर ने नहीं।

बुधवार, 21 मई 2025

मेरा धर्म

मुझे किसी भगवान देवी देवता पर विश्वास नहीं है। मानवता  मेरा धर्म है। हमारा संविधान मेरा धर्म है।

शनिवार, 19 अप्रैल 2025

अध्यापक द्रोणाचार्य

अध्यापक द्रोणाचार्य पक्षपाती थे।
उनमें में गुरूता नहीं थी इसलिए वे गुरू कहलाने योग्य नहीं थे।

सोमवार, 14 अप्रैल 2025

भक्ति

भक्ति किसी की भी हो ?
भक्ति याने कट्टरता ।
कट्टरता याने मूर्खता।
मूर्खता से आतंकवाद।।

बुधवार, 19 मार्च 2025

ईश्वर दर्शन

  इमेजिंग  imaging है । कोई चमत्कार नहीं ।
            देर तक किसी भगवान देवी देवता या किसी व्यक्ति के चित्र या मूर्ति को ध्यान  दे देखें,  फ़िर आंख बंद कर वही याद  करें जो देखे  थे अभी ।
वही चित्र दिखेगा, बड़े रूप में भी दीख सकता है । इसे साक्षात भगवान देवी दर्शन न समझें । यह न समझें कि भगवान देवी देवता प्रसन्न हो गए।
      दिन भर  किसी जंगल में पिकनिक  मनाकर  लौटने के बाद घर  में जंगल के पेड़, बंदर दिख सकते हैं । यह न समझें कि जंगल के पेड़ बंदर आप पर प्रसन्न हो गए।

रविवार, 16 मार्च 2025

Reason का महत्त्व

गणित और रीजनिंग में क्यों का जवाब याने कारण Reason  महत्वपूर्ण होता है।
Logic का यह आधार है।
इस 
क्यों? Why?
को जिसने अपना लिया जीवन में, वह कारण जानने की कोशिश करेगा, वह तर्कशील बनेगा, निश्चित ही वह intelligent बनेगा।

उम्र का बंधन

कहते हैं..
फिल्मी गीत सुनने की एक उम्र होती है. 50 - 55 के बाद ये सब अच्छा नहीं लगता।
पच्चास साठ साल उम्र में धर्म कर्म,  समाज सेवा करना चाहिए।
मैं आज तक नहीं समझा इसके लिए उम्र का क्यों बंधन?
मेरे विचार से पूरा जीवन यह सब कर सकते हैं।

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

डर

विदेशी संस्कृति से हम बहुत डरते हैं ।
हम चाहते हैं हमारी संस्कृति विदेशों में जाय
लेकिन उनकी संस्कृति हमारे देश में न आ सके ।

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025

डर

हम हिंदू विदेशी संस्कृति से बहुत डरते हैं| पता नहीं पश्चिम वाले हमारी संस्कृति से डरते हैं या नहीं|