बुधवार, 23 जुलाई 2025

गुण धर्म

यः धारयति सः धर्मः| जो स्वभाव धारण किए हों वह धर्म है| किसी पदार्थ का गुण धर्म एक समान होता है किंतु मनुष्य का नहीं| हर मनुष्य अद्वितीय होता है|

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