सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 26 सितंबर 2020
अजपाजप
किसी के नाम को जपने से ज्ञान प्राप्त नहीं होता । ध्यान (सोच विचार) करने से ज्ञान प्राप्त होता है ।
गुरुवार, 24 सितंबर 2020
हमारा भारत
पहले यहाँ सिर्फ मूल निवासी रहते थे । वे जंगलों में कंद मूल फल मांस खाते थे । उनके अलग अलग कबीले होते थे। हर कबीला का एक सरदार याने राजा होता था।
बाद में कुछ होशियार लोग मैदानी इलाकों में रहकर खेती और पशु पालन करने लगे जो आज OBC कहलाते हैं । अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग राज्य के राजा होते थे ।
बहुत बाद में आर्य आये । ब्राह्मण, क्षत्रिय , वैश्य अपने साथ अपनी सेवा कराने के लिये कुछ दास लेकर आये वे जिन्हें शुद्र कहते थे । जो आजकल SC में आते हैं।
आर्य अपने तीन उच्च वर्ण के लोगों को "आर्य" कहकर सम्बोधन करते थे । वे भारत के मूल निवासियों को राक्षस, दैत्य , असुर कहते थे ।
धीरे धीरे आर्य भारत के मूल निवासियों के कबीले, राज्यों को साम दाम दंड भेद से जीत कर एक कर लिये जिसे व आर्यावर्त कहा गया । कालांतर में आर्यों के छोटे छोटे टुकड़े टुकड़े राज्य हो गये ।
जिन्हें मुगलों ने जीत कर एक बादशाह के अधीन कर दिया जो हिन्दुस्तान कहलाया । जिसमें अधिकतर राजा हिन्दू थे ।
अंग्रेज आकर सबको जीत कर एक india बना दिए ।
1947 आजादी के बाद हमारे देश का नाम भारत, india हुआ ।
पाकिस्तान अलग हो गया ।
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अब तो सभी हर तरह का काम धंधा करते हैं।
धर्म परिवर्तन
मुस्लिम, इसाई धर्म में कोई भी शामिल हो सकता है लेकिन हिन्दू धर्म में मुस्लिम इसाई शामिल नहीं हो सकते ।
लेकिन हम कहते हैं
"वसुधैवेकम् कुटुंबकम् "
पूरी पृथ्वी एक परिवार है ।
प्रेम
कई संकीर्ण लोग प्रेम कथा पढ़ते सुनते देखते हैं लेकिन अपने परिवार जाति समाज में हो तब उन प्रेमियों के प्रेम को सहन नहीं कर पाते याने प्रेम करने वालों से जलते हैं ।
बुधवार, 23 सितंबर 2020
हमारा भारत
हमारे भारत के हजारों टुकड़ों को जीत कर मुगलों ने जोड़ दिया।
अंग्रेजों ने हमारे भारत के सैकड़ों टुकड़ों को जोड़ कर एक कर दिया।
आर्थिक विकास
आर्थिक विकास के लिए सरकार और नागरिक द्वारा उत्पादक कार्यों में खर्च होना चाहिए अनुत्पादक कार्य में नहीं ।
सोमवार, 21 सितंबर 2020
स्त्री अबला
पहले स्त्री अबला मानी जाती थी पुरुष द्वारा । स्त्री भी इसे मान लेती थी । इसलिये मनु ने यह व्यवस्था दी थी कि स्त्री की रक्षा उसका पिता, भाई, पति करेगा ।
अब स्त्री अबला नहीं है । संविधान ने उसे ताकत दी है ।
बुधवार, 16 सितंबर 2020
पूरी दुनियां का एक धर्म
मनु स्मृति, कुरान, बाइबिल.... पुराने जमाने में अपने अपने समाज के लिये संविधान थे ।
अब तो अपने अपने देश का संविधान है । यही हमारा धर्म होना चाहिए ।
एक दिन आएगा सरहदें नहीं होगी, संयुक्त राष्ट्र संघ का संविधान ही पूरी दुनियां का धर्म होगा ।
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जय जगत _ बिनोबा भावे
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