मनु स्मृति, कुरान, बाइबिल.... पुराने जमाने में अपने अपने समाज के लिये संविधान थे ।
अब तो अपने अपने देश का संविधान है । यही हमारा धर्म होना चाहिए ।
एक दिन आएगा सरहदें नहीं होगी, संयुक्त राष्ट्र संघ का संविधान ही पूरी दुनियां का धर्म होगा ।
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जय जगत _ बिनोबा भावे
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