वनस्पति में मस्तिष्क नहीं होता| प्राणियों में होता है| इसीलिए वह सोच विचार करता है, हँसता है, रोता है| किसी को मार कर, किसी को रुलाकर उसका मांस खाना क्रूरता है| केवल स्वाद के लिए मांसाहार करना उचित नहीं है जबकि हमारे लिए बेहत्तर विकल्प शाकाहार मौजूद है|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 16 जनवरी 2018
गुरुवार, 11 जनवरी 2018
दिमाग का उपयोग
जो अपने दिमाग का खूब उपयोग करते हैं वे intelligent होते हैं| जो तोता जैसे रटते हैं बिना सोचे समझे वे लकीर के फकीर होते हैं|
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