सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 19 अप्रैल 2025
अध्यापक द्रोणाचार्य
अध्यापक द्रोणाचार्य पक्षपाती थे।
उनमें में गुरूता नहीं थी इसलिए वे गुरू कहलाने योग्य नहीं थे।
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