विदेशों में हमारी संस्कृति का प्रभाव देखकर बहुत खुश होते हैं हम|
लेकिन विदेशी संस्कृति वेलेंटाइन डे का विरोध कर रहे हैं हम_
कुछ साल से उसी दिन मातृ पितृ दिवस मनाकर |
अफवाह फैलाकर कि शहीद भगत सिंह को उसी दिन फांसी की सजा सुनाई गई थी या फांसी दी गई थी|
गार्डन पार्क में वेलेंटाइन डे मनाने वालों को परेशान कर, अपमानित कर|
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विदेशी संस्कृति से इतनी बुरी है या उससे खतरा है तो रहन सहन, खान पान सबमें वापस जाओ पुराने की ओर| कानून बना दो|
कम्प्युटर मोबाइल टी वी मोटर साइकल... .... सब बंद करो, हां विमान रहने दो क्योंकि वेद पुराण में लिखा है|
श्री राम कृष्ण पेंट शर्ट टाई कोट नहीं पहनते थे|
देवी सरस्वती दुर्गा सलवार सूट ब्लाउज .. नहीं पहनती थी|
आंग्लभाषाया त्यागेत् संस्कृतं वद|
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वैसे विदेशी संस्कृति को सबसे पहले 1925 में RSS राष्ट्रीय स्वयं संघ ने पश्चिमी संस्कृति को अपनाया पेंट शर्ट को गणवेष बनाकर|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 11 फ़रवरी 2017
पश्चिमी संस्कृति का डर
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