मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

संविधान ही धर्म

किसी जमाने में देश समाज के संचालन के लिये नियम बनाए ये जिसे धर्म कहा गया।  यः धारयति  सः धर्मः ।
जो धारण  करें वह धर्म ।
   अब हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिये ।

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