मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019

गांधी सुभाष के रास्ते अलग किंतु मकसद एक देश की आजादी

कांग्रेस के अधिकतर सदस्य गांधी जी के शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे जबकि सुभाष जी सशस्त्र आंदोलन के समर्थक थे । जयप्रकाश नारायण ने अपनी आत्म कथा में लिखा है -  'गांधी जी का रास्ता सुविधाजनक लगा इसलिए हम उनके साथ हो गए ।"
      गांधी और सुभाष के रास्ते अलग अलग थे किंतु मकसद एक ही था देश की आजादी ।

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