गुरुवार, 31 अगस्त 2017

यज्ञ और मंत्र

Dinesh Aastik
भगवान कहाँ?
जो यज्ञ करते हैं वे जानते हैं कि यज्ञ से कोई देवता प्रसन्न नहीं होता । जिन मन्त्रों का उच्चारण किया जाता है, वे अगर संस्कृत से हिंदी में कर दिए जायें तो प्राइमरी स्कूल की क़िताब के लायक हैं । पुजारी जानता है, भगवान् चाहे कहीं और हो मगर मंदिर में तो कतई नहीं है । मुसलमान जानता है कि ख़ुदा कहीं होगा तो मस्जिद के बाहर होगा, यहाँ तो नहीं है । मगर अपना धन्धा इसी में सुरक्षित है कि लोगों को विश्वास दिलायें कि यज्ञ से उनका कल्याण होगा । मंदिर और मस्जिद में की गयी पुकार भगवान् एकदम सुनता है । सीधी 'हॉट लाइन' है ।
~ दलितों को पीटने का यज्ञ
हरिशंकर परसाई

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