रविवार, 27 अगस्त 2017

नास्तिक का मतलब

Rattan Lal Gottra
नास्तिक का मतलब है जिसकी आस्था किसी ईश्वरीय शक्ति में न होकर स्वयं में हो.
नास्तिक व्यक्ति गलत कामों को गलत समझ के नहीं करता, न कि नरक के भय से.
नास्तिक व्यक्ति काल्पनिक स्वर्ग में जगह पाने के लोभ से अच्छा काम नहीं, बल्कि परोपकार के लिए करता है.
नास्तिक स्वतंत्र रूप से अपने दिमाग से सोचता है न कि हजारों साल पहले लिखी किताबों की बकवास को प्रमाण मानता है.
नास्तिक अपने कार्यों की जिम्मेदारी खुद लेता है न कि किसी गुरु, धर्म और भगवान भरोसे रहता है.
नास्तिक आत्मविश्वास के साथ कार्य करता है और ईश्वर को मन्नत के रूप में रिश्वत पेश नहीं करता.
नास्तिक उस अपराध के लिए ग्लानि में नहीं रहता जोकि उसने किया नहीं और न ही जिस पर उसका कोई वश था.
नास्तिक इस लोक में खुशहाली और परलोक में स्वर्ग दिलाने का वादा कर आपसे दक्षिणा नहीं लेता.
नास्तिक किसी को काल्पनिक रहस्यमयी शक्तियों और आकस्मिक दुर्घटनाओं से भयभीत नहीं करता.
नास्तिक अन्धविश्वासी नहीं होता.
नास्तिक मैंने बता दिए अब आस्तिक आप खुद समझ लो

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