एक मंदिर जहां देवी देवताओं की कोई प्रतिमा नही है। यहां साक्षात देवी देवता शिक्षार्थियों को शिक्षा देते हैं।. द्वार पर देवों के देव महादेव श्री शशिधर पंडा (संस्थापक बटमूल आश्रम महाविद्यालय महापल्ली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ )
के साथ उनके गण विचार विमर्श में तल्लीन हैं | यह महाविद्यालय दान से चलता है। न्यूनतम शुल्क, अच्छी पढ़ाई, बेहतर परीक्षा परिणाम इसकी विशेषताएं हैं। प्राचार्य तथा प्राध्यपक गण बहुत कम वेतन लेकर गुणवत्तायुक्त अध्यापन करते हैं।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 19 अगस्त 2017
एक मंदिर जहाँ कोई प्रतिमा नहीं
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