Dinesh Sharma _
यदि कोई पौराणिक गाथा होती तो इसे रचनाकार की कल्पना मान सकते थे या किसी चीज़ का सांकेतिक वर्णन समझ कर छोड़ा जा सकता था। आखिर किसी स्त्री की पवित्रता का मापदंड उसके ‘अग्निरोधी’ होने में कैसे हो सकता है? यदि ऐसा ही है तो सभी
पवित्र स्त्रियों को ‘अग्निरोधी’ होना चाहिए। पर ऐसा संभव नहीं है क्योंकि पवित्रता आप के शरीर पर कोई ‘अग्निरोधी कवच’ नहीं चढ़ा देती।
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Dinesh Sharma
Dinesh Sharma ऐसा कर के कौन सा आदर्श स्थापित होता है – यह भी स्पष्ट नहीं है। बल्कि इस से सैंकड़ों पीढ़ियों तक स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार की छूट दे दी गयी। किसी स्त्री के सतीत्व के परीक्षण की ऐसी अवधारणा वेदों और मनुस्मृति के बिलकुल ख़िलाफ़ है।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 22 अगस्त 2017
अंतर्विरोध
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