सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
धार्मिक ग्रंथ नारी लिखी होती तो
Dinesh Aastik
यदि धार्मिक पुस्तकें नारी ने लिखी होतीं???
इसे केवल सवाल न समझे, यही सच्चाई होती।
यदि सभी धर्मों की किताबें नारी ने रचाई होती।
हम पुरुष किसी भगवानी का व्रत रख रहे होते,
कई पति रखने वाली से हमारी सगाई होती।।
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