Meraj Anwar
क्या मस्जिद (खुदा के घर) में भी औरतों को, मर्दों से खतरा है?? क्या तुम लोगों का वहां भी पुरुषत्व जाग जाएगा??? तो फिर औरतों को मस्जिद जाने से मनाही क्यों???
मेरी भोली-भली आधी आबादी, आप समझती क्यों नहीं कि आपको धर्म कभी आज़ाद कर ही नहीं सकता, आप गुलाम बनके क्यों रहना चाहती हैं??? आप बगावत क्यों नहीं करती???
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
मस्जिद में औरतों से खतरा?
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