मन की बात रेडियो में क्यों? रेडियो को बचाने की चिंता है ?
सरकारी कोशिश से मन की बात सुनने का का क्या औचित्य है?
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आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं ।?
यह मोदी जी के मन की बात है?
हमारे प्रधान मंत्री जी के विचार नहीं हैं?
क्या मन की बात सार्वजनिक मंच पर व्यक्त करने से प्रधान मंत्री पद, भाजपा या आर एस एस रोक रहे हैं?
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किसी पद पर या संगठन/संस्था से जुड़े हों तो मन की बात सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करते लेकिन मन की बात अपने निकटतम मित्र से कहते हैं ।
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मन में विभिन्न विचार आते हैं । कुछ विचार सार्वजनिक करते हैं सब नहीं ।
लोग क्या कहेंगे
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सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 27 अगस्त 2017
मन की बात
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