रविवार, 20 अगस्त 2017

मेरे नाम यशपाल जैन की पहली चिट्ठी

मेरा सौभाग्य है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लेखक,पद्म भूषण से सम्मानित यशपाल जैन (भगत सिंह के साथी ) की पहली चिट्ठी ही मेरे पास सुरक्षित है। मेरा दुर्भाग्य कि और चार पत्र नष्ट हो गए ।
देश की आजादी के बाद उन्होंने "सस्ता साहित्य मंडल " की स्थापना कर हिंदी साहित्य की पुस्तकें कम कीमत पर उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया था। वे आजादी की लड़ाई के अपने संस्मरण लिखे हैं । एक जगह उन्होंने लिखा है - "हम सोचते थे कि आजादी के बाद हमें कम से कम पोलिस की कोई नौकरी तो मिल जाएगी लेकिन मिली नहीं ।"

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