शनिवार, 19 अगस्त 2017

मंदिर मस्जिद के बदले साइंस म्युजियम

Dr Vijay Mehta
हिंदू और मुसलमानों को कोई काम करने का मौका मिले तो उन्हे मंदिर /मस्जिद बनाने का ख़याल ही क्यों आता है ??सार्वजानिक प्लॉट ,सरकारी ज़मीन ,सड़क ...कहीँ भी धर्मस्थल ही बनाने को उत्सुक. ...लॉग पैसे देने को भी तैयार .
देष में स्कूलों से ज्यादा मंदिर है .अब और ज़रूर नहीँ .(कम करने है )मंदिर के घंट से ज्यादा स्कूल का घंट समाज को ज्यादा उपयोगी साबित हुआ है .
कोई गाँव ,शहर में कितने पुस्तकालय है उससे उस शहर का CI- culture index नापा जा सकता है .
मुजे खुशी होती अगर UAE मे मंदिर के बदले science museum के लिये जगह मिलती .

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें