Amita Ambedkar
"न नग्न रहने से, न सिर मुंडवाने से, न जटाएं रखने से, न भभूत लगाने से, न पूजापाठ से, न कलाई में धागा बाधने से, न नदियो मे स्नान करने से और न ईश्वर या किसी देवी देवता का नाम रटने से और न ही कोई कर्मकांड से कोई मनुष्य पवित्र नहीँ हो जाता......!
जिसमे सत्य है, सदाचार है, शीलवान है, वही मनुष्य पवित्र है.......!
"न जाति से, न वंश से, न जन्म, से कोई मनुष्य अपवित्र नही हो जाता !
जिसमें सत्य नही, सदाचार नहीं शीलवान नहीं, वही मनुष्य अपवित्र है !"
तथागत गौतम बुध्द
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 3 अगस्त 2017
पवित्रता
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