गुरुवार, 3 अगस्त 2017

पवित्रता

Amita Ambedkar
"न नग्न रहने से, न सिर मुंडवाने से, न जटाएं रखने से, न भभूत लगाने से, न पूजापाठ से, न कलाई में धागा बाधने से, न नदियो मे स्नान करने से और न ईश्वर या किसी देवी देवता का नाम रटने से और न ही कोई कर्मकांड से कोई मनुष्य पवित्र नहीँ हो जाता......!
जिसमे सत्य है, सदाचार है, शीलवान है, वही मनुष्य पवित्र है.......!
"न जाति से, न वंश से, न जन्म, से कोई मनुष्य अपवित्र नही हो जाता !
जिसमें सत्य नही, सदाचार नहीं शीलवान नहीं, वही मनुष्य अपवित्र है !"
तथागत गौतम बुध्द

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