Suresh Katariya
अज्ञानता से भय पैदा होता है, भय से अन्धविश्वाश पैदा होता है, अंध विश्वास से अंधभक्ति पैदा होती है।अंधभक्ति से मनुष्य का विवेक शून्य हो जाता है और जिसका विवेक शून्य हो जाता है वह इंसान तर्क नही कर सकता, तर्क सुन भी नहीं सकता और फिर यहीं से शुरू होती है मानसिक गुलामी और बाबाओं का खेल।
भारत में करोड़ो लोग इस समस्या से पीड़ित हैं.
#रेशनलिस्ट
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 28 अगस्त 2017
अज्ञानता से मानसिक गुलामी
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