Suresh Soni
मेरा एक मित्र -
धर्म कर्म में भी तो पैसा लगाया करो , दान दिया करो | मंदिर निर्माण पट्टिका में बहुत लोगों के नाम हैं पर आपका नाम नही है |
मेरा जवाब -
धर्म कर्म में पैसा खर्च करता तो हूं | किसी गरीब बच्चे की फीस भरना , कापी किताब खरीद कर देना , आपके लिए धर्म भले न होगा पर मेरे लिए यही धर्म है |
मंदिर के लिए दान देने वाले बहुतेरे मिल जाएंगे पर गरीबों की समस्या को कौन देखता है ?
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 22 अगस्त 2017
धर्म कर्म
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