नवजात शिशु का दिमाग एक रिक्त स्थान होता है । पैदा होने के बाद वह स्वयं उसमें कुछ नहीं भर सकता । लेकिन जिस धर्म या मजहब वाले के यहां वह पैदा होता है , वही धर्म उसके मासूम दिमाग में भर दिया जाता है ।
मैं भगवान और खुदा को तब मानूं जब मुसलमान का बच्चा पैदा होते ही "अल्लाह हू अकबर " बोले ,और हिंदू का बच्चा "जय श्री राम"
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 18 जुलाई 2017
नवजात शिशु
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