Sunil Vipassvi
ये पेड़ ये पत्ते ये शाखे भी परेशान हो जाते ,
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाते|
सूखे मेवे भी यह देख कर परेशान हो जाये ,
ना जाने कब नरिायल हिन्दू, खजूर मुसलमान हो जाये|
ना मंदिर को जानते है ,ना मस्जिद को जानते है ,,
जो भूखे पेट सोते है ,सिर्फ निवालों को जानते है |
मेरा यही अंदाज़ ज़माने को खलता है ,
क्यों मेरा चिराग़ हवा के खिलाफ जलता है |
मई अमनपसंद हुँ, मेरे शहर में दंगे रहने दो |
लाल और हरे में मत बांटो,
मेरे छत पर तिरंगा रहने दो
हम इंसान है हमें मत बांटो||
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 31 जुलाई 2017
हमें मत बांटो
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