गुरुवार, 20 जुलाई 2017

ईश्वर ???

Padmamukh Panda _
आस्तिकों और नास्तिकों में ठन गया है
ईश्वर  एक विवादित विषय बन गया है
तर्क वितर्क का लंबा दौर जारी है
कभी एक तो कभी दूसरा भारी है
आस्तिकों के लिए ईश्वर जरूरी है
नास्तिकों ने बना रखी दूरी है
ईश्वर है या नहीं यही प्रमुख मसला है
निर्णय हो जाए तो सबका भला है
आस्तिकों के तेवर बहुत ही तीखे हैं
चोट खाए बब्बर शेर के सरीखे हैं
"इतने बड़े ब्रह्मांड को जो चलाता है
वह परम पिता परमेश्वर कहलाता है
चंद्र सूर्य तारे ग्रह जिसके अधीन हैं
बिना ईश्वर के यह सब क्या मुमकिन है
ईश्वर हमारा पिता है जन्मदाता है
वह संसार में यह लीला रचाता है
वह श्रष्टा पालक और मोक्ष दाता है
वही सर्वस्व हमारा भाग्य विधाता है
उसकी पूजा करो आराधना करो
उसे पाने के लिए कठिन साधना करो
ईश्वर की निंदा घोर निंदनीय कार्य है
नास्तिकों!हमें तुम्हारे तर्क अस्वीकार्य हैं
"नास्तिकों का यह कहना है
तुमने तो पाखंड का चोला पहना है
ईश्वर को आज तक किसने देखा है
पंडा पुजारी ने ले लिया ठेका है
ईश्वर महज एक कपोल कल्पना है
जो धर्म के ठेकेदारों के लिए बना है
ईश्वर का कोई अता पता नहीं है
इसे पूजने में कोई बुद्धिमत्ता नहीं है
न वह न्याय का कभी साथ देता है
न वह कोई जिम्मेदारी लेता है
ईश्वर समस्त बुराईयों की जड़ है
इसके नाम से ही  सब गड़बड़ है
ब्रह्मांड को ईश्वर ने नहीं बनाया है
ब्रह्मांड स्वयं अस्तित्व में आया है
यह प्रकृति संपूर्ण रूप से शाश्वत है
ऐसा हमारा दृढ़ अभिमत है
हे पाठक आप स्वयं विचार करें
अपना अभिमत तैयार करें
अपनी प्रतिक्रिया प्रेषित करें
स्पष्ट राय जरूर इंगित करें।

विनयावनत
पद्ममुख पंडा महापल्ली

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