मेरे किसी भी पोस्ट पर -
जहाँ मैं 'ईश्वर' शब्द लिखूँ उसे मुस्लिम लोग 'अल्लाह' पढ़े।
जहाँ मैं 'अल्लाह' लिखूँ उसे हिन्दू लोग 'ईश्वर यानि भगवान' पढ़ें।
जहाँ भी मैं मंदिर लिखूँ, मुस्लिम लोग उसे मस्जिद पढ़ें।
और जहाँ भी मैं मस्जिद लिखूँ उसे हिन्दू लोग मंदिर पढ़ें।
जहाँ भी मैं मौलवी लिखूँ उसे हिन्दू होग पुरोहित पढ़ें।
और जहाँ भी मैं पुरोहित लिखूँ उसे मुस्लिम भाई मौलवी पढ़ें।
इसी तरह अन्य सभी धर्म मे लोग मेरे लिखे पोस्ट को अपने ही धर्म से जोड़ कर पढ़ें। उसे दूसरे धर्म की आलोचना न समझें।
इस मूर्खता मे लिय आप से माफी मांगता हूँ ।
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