अमरनाथ यात्रियों को ही नही असँख्य निर्दोषों को... असँख्य दीन-हीन हिंदुओं, मुस्लिमों, ईसाईयों, सिखों, यहूदियों, बौद्धों, जैनियों और नास्तिकों को हमने मारा है और इन मौतों की जिम्मेदारी अपने सिर लेकर गलतियों को ठीक करने के बदले नॉट इन माई नेम का बैनर उठाकर खुद को सबसे अलग कर लेने की हर सम्भव कोशिश ने सारी हत्याएँ की हैं।
मुट्ठी भर आतंकी मुस्लिम, करोड़ो अमन पसंद मुस्लिमों के प्रतिरोध के होते सफल हो ही नही सकते। या तो मुस्लिमों का चुप चाप समर्थन इन्हें हाँसिल है या इन्हें कोई फर्क नही पड़ता या आतंकी मुस्लिमों को छोड़ बाकी सब कमजोर हैं।
और...
मुट्ठी भर गौ रक्षक ( नर भक्षक ) का गली गली लोगों की जान बर्बरता... क्रूरता से ले लेना। ये तिलकधारी आतंकी करोड़ों अमन पसंद हिंदुओं के प्रतिरोध के होते सफल नही हो सकते। या तो हिंदुओं का चुपचाप समर्थन इन्हें हाँसिल है या इन्हें कोई फर्क नही पड़ता या गौ आतंकियों को छोड़ सारे हिन्दू कमजोर हैं।
हम दिन प्रतिदिन घटिया होते जा रहे हैं।
.................पंकज कुमार
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