सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 16 जुलाई 2017
नफरत के बीज
बचपन में हमारे दिमाग में कचरा और नफ़रत के बीज भरे जाते हैं
Ruba Ansari is thinking about my childhood.
स्कूल की एक हिन्दू टीचर मुझे बहुत पसंद थी। कुछ महीने पहले शादी हुई थी। उनका बोलना, पढाना, हंसना, प्यार से सर पे हाँथ फेरना सब कुछ मुझे बहुत अट्रैक करता था। यूं कह लीजिये वो मेरी क्रश थीं। एक बार वो कई दिन स्कूल नही आयी पता चला की उनका बच्चा पेट में ही मर गया। शाम में मेरी सहेली मेरे साथ खेलने आयी जो की रोज़ आया करती थी। हम ही दोनों छोटे और नासमझ थे। मैंने उसे सारी बात बतायी वो बोली- "पता है जो हिन्दू होते हैं वो जहन्नम में जाते हैं। वहां आग उन्हें जलाती है कीड़े मकोड़े सांप बिच्छू सब उनको काट काट...
सब उनको काट काट के खाते हैं। उन्हें खाने के लिए मवाद और खून दिया जाता है"। मैं दौड़ कर अम्मी के पास गई उनसे पूछा कि "क्या सारे हिन्दू जहन्नम में जाते हैं??" उन्होंने कहा "हाँ"। मैंने पूछा क्यों? उन्होंने कहा "क्योंकि वो अल्लाह को नही मानते, गैर खुदा को पूजते हैं और गैरखुदा को मानना शिर्क कहलाता है। अल्लाह सारे गुनाह माफ़ कर देता है सिवाए शिर्क के"। उस नन्ही सी जान के लिए मुझे खौफ आने लगा मैं मन ही मन दुआ करने लगी की "उसकी कोई गलती नही उसे जहन्नम में ना डालियेगा"। मेरे स्कूल में ज़्यादातर हिन्दू स्टूडेंट्स और टीचर थे उनके जहन्नम में जाने के ख्याल से ही दिल सहम जाता था। कुछ दिन बाद वो टीचर फिर से स्कूल आने लगी। मैं नही चाहती थी की वो जहन्नम में जाएँ इसलिए हिम्मत करके मैंने उनसे कहा "मैम आप अल्लाह को माना करिये भगवान को नही" मैम ने मुझे अपने पास बैठाया और समझाया "बेटा भगवान अल्लाह गॉड सब एक ही होते हैं बस लोग अलग अलग नामों से पुकारते हैं जैसे की एप्पल को सेब भी कहते हैं" उनका जवाब मुझे संतुष्ट नही कर पाया क्योंकि मुझे लगता था कि उन्हें अलग खुदा ने बनाया है और मुझे अलग खुदा ने, जिनको मेरे खुदा ने बनाया है सिर्फ वही जन्नत में जायेंगे बाकी सारे दोज़ख में, भले वो कितने भी अच्छे क्यों न हो.....
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