लड़कियां, ये न पहने/वो न पहने। कपड़े को लेकर जितनी भी दिक्कतें है केवल पुरुषों को ही होती हैं, जबकि शिकार केवल औरतें होती हैं। क्या किसी औरत ने पुरुष के कपड़े को लेकर कोई ब्यानबजी की है?? लोग अपने घटिया दिमाग पे ताला क्यों नहीं लगा लेते??
*अरे तुम अपना देख लो, लडकियां अपना देख लेंगी। और हाँ कपड़े की आड़ में बलात्कार को सही ठहराना, आपकी ओछी मानसिकता जाहिर करता है और कुछ नहीं
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें