Ram Bahadur Pandey
क्या यही धर्म है ?
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दुनिया में बहुत से ऐसे देश हैं, देश में बहुत से ऐसे समाज और परिवार भी हैं जहां लोग धर्म और ईश्वर को न मानते हूए भी अच्छे ढंग से जीवन निर्वाह कर रहे हैं।
उदाहरण स्वरूप रुस को ही ले लीजिए जहाँ लोग धर्म और ईश्वर को तो नहीं मानते लेकिन नीति नियमों के अनुसार वे अपने प्राणों तक अर्पण करने को तत्पर रहते हैं। विचारणीय है कि ईश्वर अल्लाह व प्रचलित धार्मिक रीति रिवाजों के लिए प्राणों तक न्यौछावर करने वाले देश पाकिस्तान और हिन्दुस्तान से रूस किस क्षेत्र में आगे नही है? सच्चाई तो यह है कि विना धर्म और ईश्वर की मान्यता के देश , समाज और परिवार तो चल सकता है लेकिन जिस दिन परिवार में ,समाज में व देश में नैतिकता का विल्कुल ह्रास हो जायगा उस दिन उस परिवार ,समाज व देश में घड़ी भर शान्ति से रह पाना नामुमकिन हो जायगा।
दुनिया के सारे कथित धर्मों व धर्माचार्यों ने अपने अपने धर्मों के प्रचार प्रसार ,धर्म और धर्म गुरुओं का वर्चस्व बनाए रखने के लिए धर्म की आड़ में सत्ता की महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए जितना अत्याचार किया है वह मानवता का सिर शर्म से झुका देने के लिए काफी है। इतिहास गवाह है कि व्यभिचार दुराचार के लिए कुख्यात जुआलय ,मदिरालय व वेश्यालयों में भी उतनी हत्याऐं नहीं हुई हैं जितनी धर्म व मंदिर ,मस्जिद और गिरजाघरों के नाम पर हुई हैं।
8 hrs ·
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सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 30 जुलाई 2017
क्या यही धर्म है
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