शनिवार, 15 जुलाई 2017

अधिक कट्टर कौन? क्यों?

Chetan Swaroop

एक बात बताइए कि भारत में इस्लाम के अनुयायी कभी सड़क किनारे पेशाब करते हैं या नहीं? क्योंकि मैंने ही नहीं आपने भी हजारों बार लोगों को मूतने और थूकने से रोकने के लिए दीवारों पर शंकर जी, गणेश जी और हनुमान जी की टाइल लगी देखी होंगी! हाँलाकि यह भी देखा है कि इससे कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता, हलके होने वाले और गुटखा या पान की पीक करने वाले लोग 2 फुट बगल में अपने काम के लिए जगह बना ही लेते हैं परन्तु कभी भी इन जगहों पर कोई कुरान की आयतों वाली फोटो चिपकी नहीं देखी! और कल्पना करें कि यदि किसी ने हिन्दू देवी देवताओं के बगल में कुरान की आयतों वाली फोटो भी लगा दी तो उसकी मुस्लिम समाज पर क्या प्रतिक्रिया होगी? जबकि हिन्दुओं के लिए इस तरह के चित्र देखना अपने देश में सामान्य सी बात है और न ही उन्हें इससे विशेष कोई फर्क पड़ता है. उस व्यक्ति को जो गणेश के चित्र की पूजा करता है कोई फर्क नहीं पड़ता जबकि वो बीड़ी पीकर गणेश छाप बीड़ी के रेपर में छपी गणेश की फोटो को गंदी नाली में फेंक देता है अथवा पड़ा हुआ देखता है! 
वैसे मेरे बारे में तो आप जानते ही हैं कि मैं एक ही लाठी से हिन्दू और इस्लाम अथवा किसी भी संगठित धर्म को हांकता हूँ!
Balendu Swami की कलम से

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