सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 30 जुलाई 2020
विवाह पश्चात सुखी जीवन
मंगलवार, 28 जुलाई 2020
स्त्री
Pornography
सोमवार, 27 जुलाई 2020
भगवान पर भरोसा
रविवार, 26 जुलाई 2020
गुरु
कान फूँका गुरु
अंतर्जातीय विवाह
रविवार, 19 जुलाई 2020
अंतर्जातीय विवाह और सामाजिक बहिष्कार
शनिवार, 18 जुलाई 2020
यमक अलंकार - दो नशा
मंगलवार, 14 जुलाई 2020
भ्रष्टाचार में कमी नहीं हो रही
शुक्रवार, 10 जुलाई 2020
गुरुवार, 2 जुलाई 2020
संस्थान उपक्रमों के नाम
बुधवार, 1 जुलाई 2020
आर्य
आस्तिक नास्तिक
शनिवार, 27 जून 2020
इम्युनिटी बूस्टर को दवा नहीं कहते ।
आयुर्वेद बनाम एलोपैथी
राहुल गांधी की जाति से लोगों को तकलीफ हो रही
वैदिक विज्ञान
शनिवार, 20 जून 2020
सहसंबंध
सारे प्रश्न समाप्त
मंगलवार, 16 जून 2020
आलोचना
सोमवार, 15 जून 2020
करेण्येव अधिकारस्ते
गुरुवार, 11 जून 2020
गांधी उपनाम
यमक अलंकार
बुधवार, 10 जून 2020
शब्द जाल
सोमवार, 8 जून 2020
गंगा जल
शनिवार, 6 जून 2020
सवाल
रविवार, 31 मई 2020
हमारे देश के मूल निवासी शुद्र नहीं राक्षस
अंतरजातीय विवाह को मान्यता
धर्मों ने सिर्फ हिंसा और नफ़रत दिया
शनिवार, 30 मई 2020
यदा यदा हि..
शुक्रवार, 29 मई 2020
स्व श्री लखी राम अग्रवाल
गुरुवार, 28 मई 2020
वीर न कहें तो आधा वीर ही कहें
सोमवार, 25 मई 2020
वायरस जनित रोग की दवा नहीं होती
गुरुवार, 14 मई 2020
OBC कौन? छत्तीसगढ़ में कोलता जाति के लोग भी लिखते हैं उपनाम "गुप्त"
रविवार, 3 मई 2020
श्री राम जी के मन में संदेह था
रविवार, 26 अप्रैल 2020
सोशल मीडिया में गाली गलौच
शनिवार, 25 अप्रैल 2020
मातृ पितृ दिवस
धर्म परिवर्तन
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020
पीने वाले जरूरी नहीं बुरे हों
मंगलवार, 21 अप्रैल 2020
धर्मों की बुराई
संविधान ही धर्म
किसी जमाने में देश समाज के संचालन के लिये नियम बनाए ये जिसे धर्म कहा गया। यः धारयति सः धर्मः ।
जो धारण करें वह धर्म ।
अब हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिये ।
सोमवार, 20 अप्रैल 2020
अंधा के लिए प्रकाश
रविवार, 19 अप्रैल 2020
अणु मस्तिष्क में store
शनिवार, 18 अप्रैल 2020
बहुत ज्यादा धार्मिक
गुरुवार, 16 अप्रैल 2020
कोरोना का प्रभाव दिमाग पर
बुधवार, 15 अप्रैल 2020
मंगलवार, 14 अप्रैल 2020
अम्बेडकर का संविधान ???
सोमवार, 13 अप्रैल 2020
हमारा मुसलमानों से संबंध
रविवार, 12 अप्रैल 2020
काम क्षुधा
शराब बिक्री
सोमवार, 30 मार्च 2020
अपना विचार व्यक्त करना चाहिये
रविवार, 29 मार्च 2020
कोरोना वायरस
शुक्रवार, 27 मार्च 2020
विरोध
गुरुवार, 19 मार्च 2020
विवाह
मल मूत्र चिकित्सा पद्धति
शुक्रवार, 6 मार्च 2020
सोशल मीडिया में आएं
आपके विचार को शेअर करें
भ्रष्टाचार कायम रहेगा
शनिवार, 29 फ़रवरी 2020
क्या आप मानते हैं?
दूर हो जांय जो धर्मनिरपेक्ष नहीं
बुधवार, 26 फ़रवरी 2020
रविवार, 2 फ़रवरी 2020
धर्मों की बुराई /कमी /आलोचना
शनिवार, 1 फ़रवरी 2020
शांति की खोज
मंगलवार, 28 जनवरी 2020
हमारा संविधान
गुरुवार, 23 जनवरी 2020
GK & Reasoning का महत्व
शनिवार, 21 दिसंबर 2019
सोच
रविवार, 15 दिसंबर 2019
1/2 वीर सावरकर
शनिवार, 14 दिसंबर 2019
मेरी आस्था
गुरुवार, 5 दिसंबर 2019
बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं
शुक्रवार, 22 नवंबर 2019
मधुमेह रोगियों के लिये आहार
रविवार, 17 नवंबर 2019
अपने संविधान धर्म की बुराई
सोमवार, 11 नवंबर 2019
सरकार द्वारा नीजी स्कूलों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए
सोमवार, 28 अक्टूबर 2019
विश्व गुरू
संशोधन परिवर्तन
रविवार, 27 अक्टूबर 2019
परिवर्तन ही गति है वर्ना मौत
रविवार, 20 अक्टूबर 2019
घास फूस कविता हम भी करते हैं
जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय । लेकिन ऐसे लेखकों रचनाकारों को साहित्यकार नहीं कह सकते ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
लेख, कहानी, कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।
हम भी घास फूस कविता लिखते हैं ।
घास फूस को साहित्य नहीं कहा जा सकता ।
घास फूस कविता हम भी करते हैं
अब पहले जैसे पाठक कम हैं जो साहित्य के स्तर को परखें ।
वैसे जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
लेख, कहानी, कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।
मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019
गांधी सुभाष के रास्ते अलग किंतु मकसद एक देश की आजादी
कांग्रेस के अधिकतर सदस्य गांधी जी के शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे जबकि सुभाष जी सशस्त्र आंदोलन के समर्थक थे । जयप्रकाश नारायण ने अपनी आत्म कथा में लिखा है - 'गांधी जी का रास्ता सुविधाजनक लगा इसलिए हम उनके साथ हो गए ।"
गांधी और सुभाष के रास्ते अलग अलग थे किंतु मकसद एक ही था देश की आजादी ।
भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए
साधु साध्वी बाबा बाबी को ही विधायक सांसद मंत्री संत्री बने तो भारत विश्व गुरू पक्का ।
ये लोग बच्चे पैदा नहीं करेंगे, भ्रष्टाचार नहीं करेंगे । गोबर विज्ञान और
मंत्र तंत्र, पूजा पाठ, यज्ञ हवन, भजन किर्तन से सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा ।
आतंकवाद नक्सलवाद पाकिस्तान सब खतम ।
गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019
बाबा का संविधान? किसका संविधान ?
प्रेमचंद का गोदान, तुलसी का राम चरित मानस, धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता.....
ये सब तो ठीक है.
लेकिन कुछ लोग बार बार अलापते रहते हैं
बाबा का संविधान ,
अम्बेडकर का संविधान ..
ये क्या कहना चाहते हैं ।
जेनेरिक दवा
branded और generic दवा में quality की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है । branded दवा का दाम अनाप शनाप होता है जब कि generic का दाम बहुत कम । इसीलिए सरकारी आदेश है सबको generic दवा prescribe करें । सरकारी अस्पतालों में सबको generic दवा ही दी जाती है । इससे बहुत बचत है ।
गोड़से भक्तों की सोच
कुछ गोडसे भक्त कह रहे हैं _
सरकार को इतिहास की किताबों में गोडसे को गांधी का हत्यारा पढ़ाने के साथ-साथ गोडसे का अंतिम बयान भी पढ़ाया जाना चाहिए, की उसने आखिर गांधी जी की हत्या क्यों की थी?
******
तब तो आतंकवादियों नक्सलियों बलात्कारियों चोर हत्यारे डाकू. , , . सबसे पूछ लो वे ऐसा क्यों बने? वे क्यों करते हैं ऐसा?
अपने परिवार के बच्चों को वह सब भी पढ़ाओ ।
बुधवार, 2 अक्टूबर 2019
भारत का बंटवारा
गांधीजी ने भारत को बाँटा तो RSS और हिन्दू महा सभा वाले क्या कर रहे थे? नफ़रत के बीज बोने में व्यस्त थे ।
भारत का बंटवारा गांधी जी नहीं चाहते थे । परिस्थिति अनुसार उन्हें मानना पड़ा ।
शनिवार, 21 सितंबर 2019
जेनेरिक दवा
branded और generic दवा में quality की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है । branded दवा का दाम अनाप शनाप होता है जब कि generic का दाम बहुत कम । इसीलिए सरकारी आदेश है सबको generic दवा prescribe करें । सरकारी अस्पतालों में सबको generic दवा ही दी जाती है । इससे बहुत बचत है ।
बुधवार, 11 सितंबर 2019
भ्रष्टाचार कायम रहेगा
हमारे धर्म में पाप अपराध से मुक्ति के short cut रास्ते बताए गए हैं । फलस्वरूप दिनों दिन भ्रष्टाचार बढ़ रहा है । भगवान, देवी देवताओं के ये चालाक एजेंट जब तक ऐसे कल्पित रास्ता सुझाते रहेंगे भ्रष्टाचार कायम रहेगा ।
सोमवार, 19 अगस्त 2019
सेवा निवृति के बाद
मैं सेवा निवृत शिक्षक हूं. सेवा निवृत्ति के बाद हमारे अंचल के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में जाता हूं। अपने अध्यापन अनुभव बाँटता हूं। कक्षा में सामान्य ज्ञान, तर्क, अंधेविश्वास, स्वास्थ्य, पर चर्चा करता हूँ।, विज्ञान, गणित , भाषा की बुनियादी बातें बताता हूं। अंत में कुछ प्रश्न पूछता हूं । अच्छे जबाब देने वाले को प्रोत्साहनार्थ एक कलम प्रदान करता हूँ । रोज नहीं जाता ।
रविवार, 18 अगस्त 2019
मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना
किसी का समर्थन या विरोध देश भक्ति का पैमाना नहीं होता ।
मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना । वर्ना लोग रोबोट हो जाएंगे । यह दुनियां के लिये अच्छी बात नहीं होगी ।
लेकिन हिटलर यही चाहता था कि लोग रोबोट हो जांय याने बिना सोचे समझे मान जांय ।
MSSSU
एक नई university बनाएं M S S S U मोदी संस्कारी संस्कृति संस्कृत विश्वविद्यालय जहाँ केवल संस्कार संस्कृति और संस्कृत की पढ़ाई हो ।
उम्मीद है पूरी दुनियां से विद्यार्थी प्रवेश लेंगे ।
रविवार, 11 अगस्त 2019
मंगलवार, 6 अगस्त 2019
अब POK पाकिस्तान का, हमारा काश्मीर हमारा ।
काश्मीर समझौता के किसी शर्त का पालन नहीं करने का मतलब वह समझौता निरस्त ।
अब तक हम कहते रहे कश्मीर समझौता अनुसार
पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा है। लेकिन हम संसद में भी बस कहते रहे ऐसा। वह कभी हमारा होना यह सम्भव नहीं था ।
अब POK पाकिस्तान का, हमारा काश्मीर हमारा। बात खत्म ।
सिद्धांत रूप से हमने पाक अधिकृत कश्मीर पर से अपना अधिकार छोड़ दिया है।
कुछ साल पहले फारुख अब्दुल्ला ने सुझाव दिया था कि पाकिस्तान से समझौता कर के कश्मीर के उनके हिस्से को उन्हें दे दिया जाये और भारत वाले कश्मीर को भारत ले लेवे जिस पर सभी पार्टियां लगभग सहमत हो जायेंगी। परंतु फारुख अब्दुल्ला के इस सुझाव की खिल्ली उड़ाई गई थी और उसे देश द्रोही कहा गया था। आज उसी सुझाव को लगभग मान लिया गया है और कार्यरूप भी दे दिया गया है।
शनिवार, 27 जुलाई 2019
Pornography
pornography
भारतीय संस्कृति के ठेकेदार महान संस्कारी पार्टी भाजपा भारतीय संस्कृति रक्षा के लिए भारत में porn प्रतिबंधित किया। लेकिन सब कुछ लेकिन लेकिन हो रहा है । लगातार भाजपाइयों के porn video सोशल मीडिया में आ रहे हैं ।
यह सब Pornography बंद होने के कारण हो रहे हैं, बलात्कार भी इसी कारण बढ़े हैं ।
मनोवैज्ञानिक फ्रायड के अनुसार काम वासना का दमन करने से विकृत रूप धारण कर लेती है। काम की पूर्ति होना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है । कामुक स्वप्न से भी सेक्स की पूर्ति होती है ।
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वयस्कों के लिये पोर्न फोटो वीडियो देखने की छूट होने से उनकी कामवासना की कुछ पूर्ति हो सकती है। इससे अवैध संबंधों और बलात्कार में कमी हो सकती है ।
धर्म ग्रंथ और संविधान सब पढ़ना चाहिए
सभी धर्म ग्रन्थों को पढ़ कर सोच विचार करना चाहिए फिर जो उचित लगे उसे मानना चाहिए ।
अपने देश के संविधान को पढ़ कर समझ कर ईमानदारी पूर्वक मानना चाहिए ।
मंगलवार, 23 जुलाई 2019
अन्तर्जातीय विवाह वाले का बहिष्कार
इस पोस्ट में कही गई नियोग प्रथा यदि भारत में प्रचलित थी तो स्पष्ट है कि पहले अंतर्जातीय संबध/ विवाह समाज में मान्य था| शायद इसीलिए हमारे भारत के किसी भी एक जाति के लोग एक ही रंग के त्वचा वाले नहीं होते अर्थात गोरे काले सांवले होते हैं ।
जातियों में जातीय श्रेष्ठता का अहंकार बेकार है| अंतर्जातीय विवाह को समाज द्वारा मान्यता न देना उचित नहीं| मान्यता न दें तो सामाजिक बहिष्कार तो कदापि उचित नहीं है ।
सोमवार, 22 जुलाई 2019
कुछ अवैज्ञानिक बातें
कुछ अवैज्ञानिक बातें
जो आस्था को बनाए रखने के लिए कभी कभी प्रचारित की जाती हैं । जान बूझ कर अफ़वाह फ़ैलाने का मकसद कुछ स्वार्थ हो हो सकता है ।
* पीपल के पेड़ और तुलसी के पौधे रात में भी आक्सीजन छोड़ते हैं ।
* मोटर साइकल के पेट्रोल टंकी में तुलसी के पत्ते डालने से माइलेज बढ़ जाता है ।
* गोबर लेप खतरनाक विकिरण से सुरक्षा देता है ।
* गंगा का पानी कभी नहीं सड़ता, उसमें वेक्टेरिया नहीं पनपते ।
गंगा के पानी का एक बूंद किसी कुंआ, तालाब में डाल देने से पूरा पानी का अपवर्तनांक बढ़ जाता है ।
... ...,...
कुछ आप भी बताएं