रविवार, 26 जुलाई 2020

गुरु

वेतन लेकर पढाने वाला, स्कूल में केवल निर्देशित काम करने वाला शिक्षक होता है , जरूरी नहीं वह गुरू भी हो ।
जो बिना कोई पारिश्रमिक लिये दिशा दे/मार्ग दर्शन करे,  बौद्धिक विकास के लिए सहायता करे वह गुरू होता है। 
     कोई शिक्षक यदि सरकार द्वारा निर्देशित कार्य के अलावा विद्यार्थी को मार्गदर्शन करे, सहायता करे तो वह उसकी गुरूता होगी,  वे भी गुरू।

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