सावरकर जी कुछ साल आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे । इसीलिये आर एस एस के वाले उन्हें "वीर सावरकर" कहते हैं ।
। बाद में जेल हुई तब माफ़ी मांग कर छूट गए और वचन दिये कि वे कभी अंग्रेज सरकार के विरुद्ध कुछ नहीं करेंगे ।
कुछ साल के लिये ही सही वे अंग्रेजी सरकार का विरोध किये ।
इसके लिए उन्हें "वीर सावरकर" न कहें तो
"1/2 वीर सावरकर" कहकर उनका सम्मान करना चाहिये ।
हम तो उनके एक अंश के बराबर भी नहीं करते शायद ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें